प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 से 20 लाख रुपये खर्च करके बनवाए गए हैं पंचायत भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। गांव के लोगों को बगैर किसी भाग-दौड़ के गांव में ही एक छत के नीचे जरूरी सुविधाएं मिल सकें, इस उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 15 से 20 लाख रुपये खर्च करके सरकार ने पंचायत भवन का निर्माण कराया। पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण पंचायत भवन में कामकाज संचालित नहीं हो पा रहे हैं।
विकासखंड पौली की 55 ग्राम पंचायतों और विकासखंड हैंसर बाजार की 67 ग्राम पंचायतों में एक वर्ष के अधिक समय से पंचायत भवन बनकर तैयार हैं। सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई है। ग्राम पंचायत अधिकारी को भी पंचायत भवन में बैठने के लिए कहा गया है। कम्प्यूटर, कुर्सी, मेज, आलमारी, इन्वर्टर आदि उपकरणों की खरीद की गई। लेकिन कम्प्यूटर सहित अन्य सामान जहां प्रधान के घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं, वहीं, पंचायत सहायक गायब रहकर प्रति महीने मानदेय ले रहे हैं।
एक-एक ग्राम पंचायत अधिकारी के जिम्मे 15 से 20 गांव का कार्य है तो वह कहीं न जाकर ब्लॉक पर ही रहकर काम काज निपटाते हैं। इतना ही नहीं परिवार रजिस्टर की नकल लोगों को तभी मिल पाती है जब वे दो से चार दिन तक ब्लॉक के चक्कर काटते हैं।
सोमवार को परिवार रजिस्टर की नकल के लिए ब्लॉक पर पहुंचे राम बुझारत, सुभद्रा देवी, जय श्याम, राधे किशुन, राम मनोहर आदि ने बताया कि चार दिन से परिवार रजिस्टर की नकल के लिए ब्लॉक पर आ रहे हैं। परिवार रजिस्टर की नकल सेक्रेटरी साहब के मुंशी तो बना दिए हैं, लेकिन हस्ताक्षर कराने के लिए सेक्रेटरी साहब की तलाश करनी पड़ रही है। कमोवेश, यही हाल दोनों ब्लॉकों की समस्त ग्राम पंचायतों में है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत दलसिंगार यादव का कहना है कि पंचायत भवन को खोलकर 10 बजे से पांच बजे तक पंचायत सहायक को बैठने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत अधिकारी भी पहुंचकर आवश्यक कार्यों को करें। कोई पंचायत भवन बंद पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।