बीडीओ और प्रमुख आमने-सामने, आरोप-प्रत्यारोप शुरू संयुक्त विकास आयुक्त ने बीडीओ से मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल/सांथा। विकास खंड सांथा में ब्लॉक प्रमुख तथा खंड विकास अधिकारी के बीच स्थिति सामान्य नहीं है। खंड विकास अधिकारी तथा प्रमुख आमने-सामने हो गए हैं। दोनों के बीच लेटर बम अब चर्चा का विषय बन गया है। दोनों के बीच चल रहे शीत युद्ध के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रमुख ने खंड विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाते हुए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को पत्र लिखा है। दूसरी तरफ खंड विकास अधिकारी ने प्रमुख द्वारा कुछ दिन पूर्व कार्यालय का निरीक्षण कर कर्मचारियों की अनुपस्थिति उपस्थिति पंजिका पर दर्शाने पर आपत्ति जताते हुए प्रमुख सांथा को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है।
खंड विकास अधिकारी तथा प्रमुख के बीच छिड़ी जंग चर्चाओं में है। ब्लॉक प्रमुख सांथा अरविंद जायसवाल ने अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास को सात दिसंबर को पत्र लिखकर खंड विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह पर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। पत्र में प्रमुख ने कहा है कि खंड विकास अधिकारी द्वारा मनरेगा पत्रावली कार्य को स्वीकृत करने के एवज में ग्राम पंचायत से 10 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। इनके द्वारा अपनी विशेष ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों की मनरेगा फाइल कमीशन लेकर स्वीकृत करते हैं। बीडीओ द्वारा सामग्री का भुगतान जनपद मुख्यालय के किसी साइबर कैफे में अपने चहेते व्यक्ति के द्वारा डोंगल के माध्यम से एफटीओ कराया जाता है। ग्राम प्रधानों का भुगतान समय से नहीं किया जाता है। इसके कारण प्रधानों में रोष व्याप्त है।
कुल 10 बिंदुओं की शिकायत प्रमुख ने खंड विकास अधिकारी के विरुद्ध कर जिले में सनसनी मचा दी है। मामले की शिकायत संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती मंडल बस्ती से भी की गई थी। इसमें संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती ने बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
दूसरी तरफ खंड विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह ने प्रमुख अरविंद जायसवाल द्वारा चार दिसंबर को सुबह 10 बजे खंड विकास कार्यालय के औचक निरीक्षण पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने एक पत्र प्रमुख को लिखते हुए पूछा है कि कार्यालय की उपस्थिति पंजिका एवं मनरेगा उपस्थिति पंजिका पर कर्मचारी को लाल पेन से अनुपस्थित आपके द्वारा किया गया। कृपया स्पष्ट करें कि आप किस अधिकार और किस शासनादेश से उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि यदि स्थापना बाबू ब्लॉक पर अनुपस्थित थे तो आप द्वारा रजिस्टर कैसे प्राप्त किया गया। पत्र लिखकर प्रमुख से स्पष्टीकरण मांगा है।
खंड विकास अधिकारी तथा प्रमुख के बीच यह पत्र चर्चा का विषय बन गया है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ब्लाॅक प्रमुख के कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका पर लाल कलम से अनुपस्थित करने के मामले में पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगने से खार खाए ब्लॉक प्रमुख ने औचित्यहीन भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ा है। यह तथ्यहीन है। यह कुंठित मानसिकता से की गई शिकायत प्रतीत होती है।
-विजय कुमार सिंह, बीडीओ