संतकबीरनगर। सरकार की तमाम घोषणाओं के इतर जिले में धान खरीद की रफ्तार सुस्त है। खरीद शुरू हुए डेढ़ माह बीत गए, लेकिन अब तक लक्ष्य के सापेक्ष महज 17.65 प्रतिशत ही खरीद हो पाई है। बावजूद इसके धान मिलर्स तक पहुंचने की बजाय गोदामों में भरा पड़ा है। खलीलाबाद सब्जी मंडी स्थित खरीद केंद्र पर जगह की कमी से खरीद प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के तमाम केंद्रों पर कहीं बोरे व रुपये का संकट है तो कहीं केंद्र संचालक की मनमानी परेशानी का सबब बनी हुई है।
जिले में इस वर्ष किसानों से 45 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य था। इसके लिए कुल 39 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें से सर्वाधिक 30 क्रय केंद्र पीसीएफ तथा आठ क्रय केंद्र विपणन विभाग के हैं। एक क्रय केंद्र यूपी एग्रो का का है। धान खरीद के नोडल विभाग विपणन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक लक्ष्य 45 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष जिले के सभी 39 केंद्रों से मिलाकर 7943.57 एमटी की खरीद हुई है जो लक्ष्य का 17.65 प्रतिशत है। इसमें 1243.94 एमटी विपणन विभाग ने तथा 2598.70 एमटी पीसीएफ ने खरीदा है। यूपी एग्रो ने सिर्फ 40.30 एमटी ही धान खरीदा है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 3882.63 एमटी धान ही मिलर्स को भेजा गया है जबकि 4060.63 एमटी धान क्रय केंद्रों के गोदाम में पड़ा है। इसकी वजह से गोदामों में किसानों से खरीदे गए धान को रखने की जगह कम पड़ रही है। उधर, डिप्टी आरएमओ रामानंद जायसवाल ने बताया कि सबसे अधिक 30 क्रय केंद्र पीसीएफ के हैं। उनके महाप्रबंधक का स्थानांतरण होने के कारण खरीद की रफ्तार सुस्त हो गई थी। नए अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। जल्दी ही खरीद में तेजी आ जाएगी। सभी किसानों से धान खरीदा जाएगा।