शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन निर्माण की प्रगति काफी धीमी है, इससे यात्रियों की मुसीबत और बढ़ गई है। कारण यह है कि मुखलिपुर रोड स्थित रेलवे क्रासिंग तीन माह से ओवरब्रिज निर्माण के चलते बंद है। रुट डायवर्ट है और यात्रियों को विधियानी रोड से होकर आना जाना पड़ रहा है, इससे रोड पर वाहनों की संख्या बढ़ने से आए दिन जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए शहर के नूर मस्जिद से मुखलिसपुर रेलवे क्रासिंग से होकर ब्लूमिंग बडर्स स्कूल के पास तक ओवरब्रिज निर्माण की कार्य योजना तैयार हुई। इसके लिए 21 करोड़ 34 लाख रुपये अवमुक्त किए गए और अगस्त 2013 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू कराया।
निर्माण कार्य फरवरी 2016 में पूर्ण होना था, लेकिन अभी भी कार्य आधा अधूरा पड़ा है। जहां सेतु निगम के हिस्से के ओवरब्रिज के ऊपरी हिस्से में काम अधूरा है वहीं मुखलिसपुर रोड स्थित रेलवे क्रासिंग पर भी अभी पावा निर्माण भी पूर्ण नहीं हो सका है। यह कार्य रेलवे को करना था, लेकिन कार्य शुरू होने में ही काफी देरी हो गई, जिससे अभी भी पावा अधूरा है। हालांकि काम चल रहा है पर अभी भी कार्य की रफ्तार को देखकर यही लग रहा है इसमें समय लगेगा। जबकि रेलवे क्रासिंग तीन माह से पूर्ण रूप से बंद पड़ा है। इसके कारण इस मार्ग से आवागमन पूर्ण रूप से बंद है और यात्रियों को विधियानी से त्रिपाठी मार्केट होकर आना-जाना पड़ रहा है। इसके चलते जाम की समस्या और गंभीर हो गई है। शहर के निवासी दिलीप कुमार ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण में तेजी लानी चाहिए, अन्यथा बरसात के समय में दिक्कतें और बढ़ जाएंगी।
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तीन माह में पूरा हो जाएगा कार्य
मुखलिसपुर रोड स्थित रेलवे क्रासिंग पर रेलवे को कार्य करना था, अभी रेलवे ने कार्य पूर्ण नहीं किया है, जिसके चलते ओवरब्रिज समय से पूर्ण नहीं कराया जा सका। प्रयास है कि अगले तीन माह के अंदर ही ओवरब्रिज का निर्माण पूर्ण करा लिया जाए, इसके लिए कार्य तेजी के साथ चल रहा है।
अशोक कुमार सिंह-नोडल अधिकारी