संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जमीन विवाद समेत अन्य समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस का लाभ अधिकारियों, कर्मचारियों की उदासीनता के कारण पीड़ितों को नहीं मिल पा रहा है।
जमीन संबंधी समस्या के समाधान के लिए पीड़ित किसान तहसील का चक्कर लगाते हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। गायघाट निवासी दयाराम गुप्ता ने कहा कि उनके खेत के बगल से चकरोड है। चकरोड को दूसरे तरफ के काश्तकार ने जोत कर अपने खेत में मिला लिया है लेकिन प्रधान चकरोड की बगैर पैमाइश कराए दयाराम के खेत में सड़क पाट रहे हैं।
इसकी पैमाइश करने के लिए दयाराम छह बार से संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देते चले आ रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
रामपुर गांव निवासी राम नौकर का कहना है कि उनके दरवाजे पर स्थित जमीन पर पड़ोसी ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इसकी पैमाइश के लिए थाने और तहसील का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन पैमाइश नहीं हो रही है। छितौनी गांव निवासी राजबली ने बताया कि वर्ष 1999 में उनके नाम से उनको आवासीय पट्टा मिला था। पट्टे की जमीन पर पड़ोस के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
इस पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर आठ बार प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है। दाखिल खारिज न होने से परेशान किसान रामआसरे का कहना है कि एक जमीन की रजिस्ट्री कराए छह माह से अधिक समय बीत गया है।