- मेंहदावल, दुधारा, धर्मसिंहवा, धनघटा क्षेत्र में आग ने जमकर उत्पात मचाया
- पुलिस, दमकल कर्मियों और ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में अलग-अलग गांवों में लगी आग से 24 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। मेंहदावल के समोगर में तो लोग गांव छोड़कर बाहर भाग गए। दमकल, पुलिस व ग्रामीणों के प्रयास से दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। तहसील प्रशासन आग से हुए नुकसान का आकलन करा रहा है। आग से 70 बीघा गेहूं का डंठल भी जल गया है।
डंठल से समोगर व नचनी गांव में लगी आग, 18 झोपड़ियां जलीं
मेंहदावल। क्षेत्र में शुक्रवार को दोपहर एक बजे समोगर कमाली व नचनी गांव के बाहर जले ठंडल से झोपड़ी में आग लग गई। हवा तेज थी जिसकी वजह से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दौरान करीब चार पक्के मकान भी आग की जद में आ गए। देखते देखते 18 झोपड़ियां जलकर राख हो गई। 50 बीघा डंठल के साथ ही छह बीघा गेहूं की फसल भी जली है। आग लगने के बाद ग्रामीण घरों को छोड़कर गांव के बाहर आ गए।
फायर ब्रिगेड के वाहन भी मौके पर पहुंचे। लेकिन आग को काबू पाने नहीं पा सके। एसडीएम अरुण कुमार, थानाध्यक्ष रामकृष्ण मिश्र, तहसीलदार आनंद कुमार ओझा आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे। करीब लाखों रुपये की इस आग से क्षति हुई है।
आग से किराना की दुकान व पांच छप्पर राख
सेमरियावां। दुधारा क्षेत्र के डड़वामाली गांव में आग से पांच छप्पर व दानोकुइयां चौराहे पर एक दुकान राख हो गई। छप्पर में चारपाई, बर्तन, अनाज जले, जबकि किराना दुकान में पचास हजार नगदी समेत दैनिक जरूरतों के सभी सामान जलकर राख हो गए। लगभग 12 लाख का नुकसान बताया जा रहा है।
कानपारा गांव के सीवान में डंठल फूंके जाने से आग डड़वामाली सीवान में पहुंच गई। तेज हवा से आग डड़वामाली गांव में घुस गई। आग से ओम प्रकाश पुत्र रामप्यारे, बासदेव पुत्र जगेसर, हैसियत अली पुत्र औसान अली, फोटो देवी पत्नी जगनरायन, का नंदलाल पुत्र भगवती का छप्पर जलकर राख हो गई। गांव वालों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। सूचना के बावजूद दमकल गाड़ी नही पहुंच सकी। वहीं बस्ती जनपद के रूधौली थाना क्षेत्र के धनघटा (हटवा) गांव के सफीउल्लाह की दानोकुइयां चौराहे किराना की दुकान है। शुक्रवार को दुकानदार ने दुकान बंद कर जुमा की नमाज अदा करने गए। इसी दौरान खेत में फूंके गए डंठल से आग पीछे से खिड़की के रास्ते दुकान में घुस गई। दुकान में रखी सामग्री जलकर राख हो गई। लगभग 12 लाख का नुकसान बताया जा रहा है। पीड़ित नुकसान से बेहद सदमे आ गया।
पराली से उठी आग से 70 क्विंटल भूसा जला
धर्मसिंहवा। पराली जलाने का सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा है जबकि लोग आग लगने की घटना प्रतिदिन सुन रहे हैं। शुक्रवार को धर्मसिंहवा क्षेत्र के बढ़या बेलराई सीवान के पश्चिम से उठी आग ने पछुआ हवा पाकर विकराल रूप ले लिया था। यह आग पराली जलाने के कारण बताई जा रही है। तेज पछुआ हवा पाकर आग धीरे-धीरे आबादी की तरफ जब बढ़ने लगी तब लोगों का होश उड़ने लगा। पहले तो आग बरगदवा माफी के सीवान में किसानों के मंडीला में रखे भूसा में लगा। लोगों ने बताया कि बरगदवा माफी निवासी राजू शर्मा, दिहल प्रजापति, बैजनाथ प्रजापति, बृजलाल प्रजापति का लगभग 70 कुंतल भूसा जलकर नष्ट हो गया। लोग पंपिंग सेट लगा करके आग बुझाने में जुट गए। लोगों की तत्परता के कारण आग गांव तक नहीं पहुंच सकी। नहीं तो गांव में भी आग लग जाती।
आग से टीन शेड जलकर राख
धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के ग्राम घोरहट कुशहवा के धायपोखर गांव के मोड़ निकट शुक्रवार को अज्ञात कारणों एक टीनशेड मकान में रखे सामान में आग लग गई। जिसके चलते बांधी गई दो भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। कुछ देर बाद एक भैंस की मौत हो गई। खाद्यान्न, कपड़ा, बर्तन, बिस्तर जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों के प्रयास के बाद आग को बुझाया जा सका। हल्का लेखपाल पहुंचकर अग्निकांड का मूल्यांकन शुरू कर दिया है।
क्षेत्र के घोरहट गांव निवासी माया देवी पत्नी हरिश्चंद्र निषाद का कुशहवा धायपोखर मोड़ पर टीनशेड रखकर रहती है। शुक्रवार को लू के थपेड़ो के बीच अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने से बांधी दो भैस चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई। कुछ पल के बाद ही एक भैंस की मौत हो गई। माया देवी के अनुसार आग लगने से खाद्यन्य, कपड़ा, बर्तन, तख्ता, बिस्तर, भूसा सहित अन्य उपयोगी सामान जलकर नष्ट हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीण किसी तरह आग को नियंत्रित कर सके। मौके पर हल्का लेखपाल पहुंचकर हुए नुकसान का आकलन कर रहे थे।