संतकबीरनगर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश/एससीएसटी एक्ट दिनेश प्रताप सिंह ने फरेब के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश महुली थाने की पुलिस को दिया। कोर्ट ने 15 दिन के अंदर आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने बताया कि महुली क्षेत्र के बनियाभार निवासी विजय कुमार उर्फ रिंकू ने कोर्ट में तहरीर दी। लिखा था कि उनकी पहचान मुखलिसपुर निवासी विशाल माझी से थी। वह अपने रोजगार के लिए जनवरी 2021 में पिकअप लेकर चला रहे थे। विशाल माझी ने कहा कि पिकअप से कभी भाड़ा मिलता है, कभी नहीं मिलता। उनके पिकअप को वह एक जगह लगवा दें, इससे गाड़ी की किस्त जमा होती रहेगी। विशाल माझी उन्हें कोतवाली क्षेत्र नौरंगिया के अनीश ओझा के पास ले गए। अनीश ओझा की टेंट की दुकान है। उन्हें पिकअप की आवश्यकता थी और उनसे किराए पर सौदा तय हुआ। अनीस ओझा ने उनके खाते में चार लाख रुपये डाल दिए। किराए की रकम चुकता होने पर उनकी गाड़ी और कागज अपने पास रख लिए।
गारंटी के तौर पर सादा चेक भी लिया। उनका दिया हुआ एक साद चेक अपने ही साथी व बंजरिया पश्चिमी निवासी नितेश सिंह को दे दिया। बाद में उनसे एक नोटिस भेजवाया। नोटिस में कहा गया कि उन्होंने नितेश सिंह से अपनी जमीन का सौदा दस लाख रुपये में किया है और दस लाख रुपये ले लिए। उसे अदा न कर पाने की स्थिति में छह लाख रुपये का चेक दिया है, जो बैंक के जरिए पेमेंट न होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। इस लिए वह रकम नौ प्रतिशत ब्याज के साथ पीड़ित को 15 दिनों के अंदर नितेश सिंह व अन्य को भुगतान करने की बात थी। अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध सक्षम न्यायालय में दीवानी और फौजदारी का वाद दाखिल करा दिया जाएगा।
वह नितेश सिंह को जानते ही नहीं। आरोपी अनीश ओझा अपने लोगों को शामिल करके जाल फैलाकर उन्हें फंसाकर धनदोहन करना चाहता है। पुलिस ने फरियाद नहीं सुनी तो पीड़ित ने कोट की शरण ली। कोर्ट ने आरोपी विशाल मांझी, अनीश ओझा और नितेश सिंह पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश महुली पुलिस को दिया।