संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरगर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी स्वेता श्रीवास्तव ने दरोगा के कहने पर आरोपियों के जरिये पीड़ित के घर में घुसकर मारने पीटने के मामले में दरोगा समेत छह लोगों के विरुद्ध मेंहदावल पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता आकाश शाही ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र के सांडेखुर्द की रहने वाली पीड़ित पूनम ने कोर्ट में तहरीर दी। जिसमें कहा कि उसके पति के पास तीन मकान है। दो मकान सड़क पर है जबकि एक मकान गांव में है। सड़क के दक्षिण तरफ जो पीड़िता का पुश्तैनी मकान है। उस मकान के दक्षिण व पूर्व राजकुमार का मकान व खाली जमीन है। पीड़ित के मकान को सदैव राजकुमार आदि कब्जा करना चाहते हैं। इसी बात को लेकर राजकुमार आदि विवाद करते रहते हैं। जिसकी शिकायत उसके पति ने चौकी बनकसिया में किया। लेकिन चौकी इंचार्ज अजीत प्रताप सिंह, राजकुमार, राजू , राकेश, राजेश की साजिश में आकर नाजायज लाभ लेकर उल्टे ही पीड़िता के पति दीनानाथ सिंह को चौकी पर अपशब्द कहे। पीड़ित के पति ने जब इसकी शिकायत करने की बात कही तो चौकी इंचार्ज ने उसके पति दीनानाथ सिंह को चौकी पर मारपीट की। विपक्षी की तरफ़ से केवल राजू का चालान किया।
जिसकी शिकायत 24 मार्च को एसपी एवं अन्य उच्चाधिकारियों से किया। जब इसकी सूचना एसआई अजीत प्रताप सिंह को हुई तो वह आग बबूला हो गए और राजू आदि से मिलीभगत कर लिए 28 मार्च को जब उसके पति अपने सड़क के दक्षिण वाले मकान में गए थे, उसी समय शाम 5:00 बजे एसआई अजीत प्रताप सिंह के ललकारने पर राजकुमार ,राजू ,राकेश, राजेश ,अभिषेक एक राय होकर उसके घर में घुस उसके पति को मारते पीटते खींच लाए। पिटाई से पति को काफी चोटें आईं। चौकी इंचार्ज ने अभियुक्त से मिलीभगत करके 29 मार्च को विपक्षी का फर्जी मेडिकल कराकर धारा 160 आईपीसी का केस उन लोगों पर दबाव बनाकर दर्ज करा दिया। जबकि उसकी सुनवाई पुलिस ने नही की तो कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
कोर्ट ने आरोपी दरोगा अजीत प्रताप सिंह, चौकी बनकसिया थाना मेंहदावल राजकुमार, राजू, राकेश, राजेश,अभिषेक निवासी साडे खुर्द थाना मेंहदावल के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश मेंहदावल पुलिस को दिया।