संतकबीरनगर। मेंहदावल क्षेत्र में जमीन विवाद में झोपड़ी फूंकने और विरोध करने पर मारपीट करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना त्यागी की अदालत ने मां-बेटी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने एसओ मेंहदावल को आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं।
थाना मेंहदावल क्षेत्र के बसडिला गांव निवासी शशिकला ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा के तहत प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। प्रार्थनापत्र में बताया कि वह मेंहदावल पेट्रोल पंप के निकट सांवरिया सेठ की कपड़े की दुकान पर काम करती है। 26 जून को शाम करीब 7:30 बजे वह घर लौट रही थी।
आरोप है कि जमीन के विवाद में मनोरमा ने उसका छप्पर फूंक दिया। घटना का विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। शशिकला को बचाने उसकी मां, चाचा, चाची और भतीजे पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट करते हुए धमकी दी।
प्रार्थनापत्र के अनुसार मारपीट में शशिकला और उसकी मां के सिर में चोट आई, जबकि उसके चाचा सुग्रीव की कमर में फ्रैक्चर हो गया। पीड़िता का आरोप है कि घटना की सूचना थाना मेंहदावल में देने के बावजूद पुलिस ने न तो उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया और न ही एफआईआर दर्ज की। इसके विपरीत विपक्षी पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना त्यागी ने मनोरमा, सोहबती, गुजराती, छोटे लाल, राधिका, आनंद, पवन और गरिमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।