सचिव की लापरवाही से पात्र को नहीं मिली आवास की रकम
- डीएम ने सचिव से रकम वसूली कराने और केस दर्ज कराने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सचिव की लापरवाही की वजह से पात्र लाभार्थी को आवास की रकम नहीं मिल पाई। लाभार्थी के आवास की रकम को दूसरे के खाते में भेज दी गई।
शिकायतकर्ता को गुमराह किया जाता रहा। ब्लॉक में सुनवाई नहीं होने के बाद महिला ने डीएम से फरियाद की। डीएम ने ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक से प्रकरण की जांच कराई तो सचिव की लापरवाही सामने आई। डीएम ने सचिव से दुरुपयोग की गई रकम की वसूली कराने के साथ ही मुकदमा दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत तेनुहारी दोयम के राजस्व गांव डड़वा की रहने वाली प्रमिला देवी पत्नी गब्बूलाल ने 22 नवंबर को डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। प्रमिला देवी ने बताया कि उसका वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत हुआ था।
अब तक उसके खाते में आवास की रकम नहीं पहुंची। आरोप है कि आवास की रकम उसके खाते की जगह अन्य के खाते में ग्राम सचिव की मिलीभगत की वजह से भेज दी गई। बार-बार पूछने पर सचिव यहीं बताते हैं कि आवास की रकम जहां जाना था, वहां चला गया है।
वह बार-बार ब्लॉक का चक्कर लगा रही है, लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। उसके पास आवास नहीं है। परिवार बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहा है। अपनी गरीबी का हवाला देते हुए लाभार्थी महिला रो पड़ी थी।
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया। पीडी सुरेंद्र गुप्ता ने जांच में पाया कि लाभार्थी प्रमिला देवी पत्नी गब्बू लाल के आवास का पैसा उसके खाते की बजाय प्रमिला पत्नी रामनाथ के खाते में भेज दिया गया है।
इसके लिए सचिव कुणाल सिंह की लापरवाही सामने आई है। जांच में सचिव कुणाल सिंह सरकारी धनराशि के दुरुपयोग करने में दोषी पाए गए हैं। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए इनसे दुरुपयोग की गई धनराशि 1.20 लाख की वसूली कराए जाने के निर्देश बीडीओ सेमरियावां को दिया है।
कोट
आवास की लाभार्थी प्रमिला देवी पत्नी गब्बूलाल की शिकायत पर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि लाभार्थी प्रमिला देवी के आवास की रकम सचिव की लापरवाही की वजह से दूसरे के खाते में भेज दी गई। इसके लिए सचिव दोषी पाए गए हैं। दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली कराते हुए सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के निर्देश परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास को दिया गया है।
- प्रेम रंजन सिंह, डीएम