अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली कर्मी
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने पूर्वांचल विद्युत वितरण एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मियों ने कहा कि निजीकरण का विराेध हर हाल में जारी रहेगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि लेसा में वर्टिकल प्रणाली लागू कर बिजली कर्मियों के लगभग 8 हजार पद समाप्त किए जा रहे हैं। इससे राजधानी की बिजली व्यवस्था लड़खड़ाने की पूरी संभावना है। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि वर्टिकल प्रणाली केवल निजीकरण के लिए लागू की जा रही है और निजी कंपनियों का मार्ग प्रशस्त करने के लिए बिजली कर्मियों के हजारों पद समाप्त किया जा रहे हैं। जिससे कर्मचारियों और इंजीनियरों में गुस्सा व्याप्त है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के समानांतर पश्चिमांचल और मध्यांचल विद्युत वितरण निगमों के अंतर्गत आने वाले सभी बड़े शहरों में वर्टिकल प्रणाली लागू कर इन शहरों की बिजली व्यवस्था अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी के अन्तर्गत देने की तैयारी है। निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
इस दौरान सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसरिया दिलीप मौर्य, दिनेश शर्मा, श्रवण प्रजापति धीरेन्द्र यादव मनीष मिश्रा, विजय कुमार, मनोज यादव, प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, संजय यादव, अशोक, विकास आदि मौजूद रहे।