पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. अय्यूब की लखनऊ में गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए। प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्र्ेट पहुंचे और डॉ.अयूब पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग की। इस दौरान राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम को दिया।
पीस पार्टी कार्यालय से कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष राधेश्याम पटेल के नेतृत्व में पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। जिलाध्यक्ष राधेश्याम पटेल ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अय्यूब पर चुनाव के दौरान दायर हुए फर्जी और झूठे मुकदमे में बयान लेने के लिए सीओ अलीगंज ने बुलाया था। देर शाम तक उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इससे पहले भी दो बार ब्यान लिए जा चुके है। इसमें कोई साक्ष्य नहीं मिला था। ऐसे व्यक्ति को जेल भेज दिया गया चिकित्सा दुनिया में अपना और देश का नाम रोशन किया है। कहा कि डॉ. अय्यूब राजनीतिक पार्टी बनाकर देश के वंचित, शोषित, पीड़ित समाज को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे थे। उनके बढ़ते जनाधार को देखते हुए भाजपा की योगी सरकार ने फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भेजकर उनकी आवाज को दबाने व कुचलने का कार्य किया है। उन्होंने कह कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद दर्ज फर्जी मुकदमे को वापस लिया जाए और उन्हें बरी किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इस अवसर पर जाहिद अली, मुहम्मद वसीर, मेंहदी हसन, अजय सिंह, मोहम्मद सिद्दीकी, धर्मेंद्र गौड़, बेलाल अहमद, असादुल्लाह, कैलाशनाथ, वकीउद्दीन, मुहम्मद शफीक, उजैद अहमद, सदरे आलम, जमील अहमद, जुम्मन, अनवर, हाफिज गुलाम, वकील अहमद समेत अन्य मौजूद रहे।