संतकबीरनगर। डीएलएड प्रशिक्षुओं को किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनकी रचनात्मकता बढ़ाई जाएगी। जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षुओं को पढ़ाई के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स निखारने का अवसर मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निर्देश पर डायट में ओपन थियेटर की स्थापना की जाएगी, जिसमें डीएलएड प्रशिक्षुओं की तर्क शक्ति, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता को तराशा जाएगा।
जिले में डायट सहित करीब 32 डीएलएड कॉलेज हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले प्रशिक्षु और परिषदीय विद्यालयों के बच्चे संकोच के कारण अपनी समस्याएं सामने नहीं रख पाते हैं। इसके लिए जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में जल्द ही ओपेन थिएटर की स्थापना की जाएगी।
शासन की ओर से जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके तहत जिले के डायट परिसर में भी इस मंच का निर्माण होगा, जो जिले के प्रशिक्षुओं के लिए एक नया अवसर लेकर आएगा। ओपन थियेटर में हर सप्ताह समसामयिक मुद्दों पर परिचर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वर्कशॉप और विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र आयोजित होगा।
यह मंच प्रशिक्षुओं को गीत-संगीत, नाटक, खेल, फोटोग्राफी जैसे उनके शौक को प्रदर्शित करने का अवसर देगा। कुछ ऐसे भी प्रशिक्षु हैं, जो पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में रुचि रखते हैं, उनकी प्रतिभा को मंच तक लाया जाएगा। इसके अलावा परिषदीय, कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के प्रतिभावान बच्चों को भी मौका मिलेगा।
इस ओपन थियेटर का निर्माण भावी शिक्षकों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्या समाधान, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता जैसे सॉफ्ट स्किल्स के ज्ञान में मदद करेगा।
कोट
ओपन थियेटर के जरिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को मंच मिलेगा। जिससे उनकी बहुआयामी प्रतिभा निखरेगी। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
-धीरेंद्र त्रिपाठी, प्राचार्य व उप शिक्षा निदेशक डायट