संतकबीरनगर/बखिरा। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय की हत्या लोग अभी भूले नहीं हैं। 24 जुलाई 2021 को बौरब्यास चौराहे पर सरेशाम हुई इस नृशंसता पर जबरदस्त जनाक्रोश भड़का था। अपने नेता के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन तक किया। दबाव ऐसा बना कि मुख्य आरोपी गांव के ही अजय राय समेत पांच पर हत्या का केस दर्ज हुआ। चार गिरफ्तार कर लिए गए। इनकी निशानदेही पर मिली भुजाली ही आरोपियों को सजा दिलाने का मजबूत साक्ष्य है।
बताते हैं कि घटना के दो दिन बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय राय को सहजनवा-बखिरा मार्ग पर बरईपार पुलिया से गिरफ्तार किया था। उसी की निशानदेही पर बेलडीहा स्थित बगीचे में पेड़ के नीचे से दबा कर रखी गई भुजाली बरामद की गई। अजय राय के दोनों हाथों में चोट के निशान बता रहे थे कि वारदात के दौरान लक्ष्मण से उसकी जमकर गुत्थम-गुत्था हुई थी। यही साक्ष्य कोर्ट में सजा के आधार बनेंगे। पुलिस ने विवेचना में एक और आरोपी राधेश्याम राय का नाम दर्ज कर केस में बढ़ा दिया। करीब 14 माह बाद आरोपी जोखन राय और राधेश्याम राय ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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हत्यारोपी ने अयोध्या जाकर सरयू में स्नान किया और हनुमानगढ़ी पर चढ़ाया लड्डू
बखिरा क्षेत्र के बौरव्यास गांव निवासी भाकियू के जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय की 24 जुलाई 2021 को घर से करीब पांच सौ मीटर दूर सहजनवा- बखिरा मुख्य मार्ग चौराहे पर धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक की बेटी सत्या पांडेय ने गांव के अजय राय, सोनू राय, जोखन राय उर्फ अखिलेश राय,सत्यप्रकाश और सत्येंद्र राय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि लक्ष्मण पांडेय का गांव में काफी दबदबा था। एक बार खेत की सिंचाई के दौरान उसका लक्ष्मण पांडेय से विवाद हो गया। लक्ष्मण पांडेय बार-बार लोगो से उसे फर्जी मुकदमें में फंसा देने की धमकी देते थे। घटना के दिन उसकी मुलाकात लक्ष्मण पांडेय से हुई थी तो उसी बात को लेकर मारपीट हो गई। तभी से उसने लक्ष्मण की हत्या की ठान ली। मौका मिलते ही भुजाली से लक्ष्मण पांडेय के सिर और गले पर सात बार प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद अजय ने अयोध्या जाकर सरयू में स्नान किया और फिर हनुमानगढ़ी पर लड्डू चढाया था।
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घर के मुखिया लक्ष्मण पांडेय की हत्या के बाद परिवार बिखर गया। बेटी सत्या पांडेय ने बताया कि पिता की हत्या के बाद जनप्रतिनिधियों ने मदद के लिए तमाम आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आज तक प्रशासन से भी कोई भी आर्थिक मदद नही मिल सकी। उसकी मां का विधवा पेंशन तक नहीं बन सका है। 105 वर्ष की दादी को मिलने वाली पेंशन से ही घर का खर्च चलता है। आमदनी के नाम पर गांव में स्थित एक पोखरे का पट्टा मिला था। अब वह पट्टा भी पास नहीं रह गया है। घर में दादी, मां, भाई व अन्य दो बहनें हैं।
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भाकियू जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय की हत्या का केस गवाही में चल रहा है। इसमेंं हत्या में प्रयुक्त भुजाली पुख्ता सबूत है। आरोपियों को सजा जरूर होगी। -रवीश श्रीवास्तव, पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता
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केस गवाही में है। हत्या में प्रयुक्त बरामद भुजाली पुख्ता साक्ष्य है। आरोपियों को सजा जरूर मिलेगी। - विशाल श्रीवास्तव, शासकीय अधिवक्ता फौजदारी