- मलौली अस्पताल बंद पड़ा है एक्स-रे और खराब है सीबीसी मशीन
धनघटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में एक रुपये की पर्ची पर डॉक्टर दवा लिख रहे हैं। लेकिन जब उसी पर्चे पर जांच और दवा लिखी जाती है तो मरीज को प्राइवेट संस्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे कम दाम में अच्छा उपचार कराने का उम्मीद लिए सरकारी अस्पताल पर पहुंचने वाले मरीज और उनके तीमारदार सरकारी इंतजाम पर सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं।
विकास खंड हैसर बाजार और पौली के करीब तीन लाख की आबादी के स्वास्थ्य का देखभाल करने की जिम्मेदारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली पर है। इस अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिले 20 वर्ष का समय व्यतीत हो गया। लेकिन अभी तक अस्पताल में जांच संबंधित कोई भी इंतजाम नहीं हो सका है। जो मशीनें लगाई गई भी गई है वह खराब पड़ी हुई है। अस्पताल से स्थित एक्स-रे मशीन कब चलती है इसकी जानकारी मरीजों को नहीं हो पाती है। अल्ट्रासाउंड की जांच आज भी यहां नहीं शुरू हुई। छोटी-छोटी जांचों के लिए लगाई गई सीबीसी मशीन दो महीने से खराब होकर बंद पड़ी हुई है। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए आए रंभावती, छोटेलाल, राघव, श्रीपत, झिनका देवी, जुगल किशोर आदि का कहना था कि यहां पर एक रुपये की पर्ची कटवा कर डॉक्टर को भले ही दिखा लिया जाता है। लेकिन दवा से लेकर जांच तक के लिए मेडिकल स्टोर और प्राइवेट पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है। जहां मनमानी कीमत पर दवा मिलती है और जांच होती है। कहने के लिए भले ही यह सरकारी अस्पताल है लेकिन सुविधा नाम की कोई चीज उपलब्ध नहीं है। जो है भी उसे खराब बता कर मरीज को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
सीबीसी मशीन रीजेंट न होने की वजह से बंद थी। उसका इंतजाम कर लिया गया है। जांच हो रही है। एक्स-रे मशीन भी काम कर रही है। अस्पताल में उपलब्ध दवाई ही मरीज को लिखी जाती और दी जाती है।
- डॉक्टर जितेंद्र चौधरी, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली