मेंहदावल। साक्षरता दिवस पर ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानचंद्र मिश्र की पहल पर शिक्षा की एक नई अलख पैदा हुई। उनके इस पहल पर विद्यालयों पर कार्यरत रसोइयां और बच्चों के अभिभावक साक्षर बन गए। इस पर सोमवार को डाॅयट पर अटल सभागार उनको सम्मानित किया गया।
बीईओ के निरीक्षण के दौरान बेसिक विद्यालय में कार्यरत सभी रसोइयां दस्तखत करने की जगह अंगूठा लगाती थीं। इसका कारण पूछने पर पता चला कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं। इस स्थिति ने उनको गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने एक अभियान की शुरुआत की। जिसके अंतर्गत विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों को जोड़ा गया। इस अभियान में न केवल रसोइयों को साक्षर बनाया गया, बल्कि उन बच्चों के माता-पिता को भी पढ़ना-लिखना सिखाया गया जो अब तक अनपढ़ थे। आज यह पहल एक बड़ी सफलता के रूप में सामने आई है।
रसोइयां अब गर्व से अपने हस्ताक्षर करती हैं और अपने बच्चों की शिक्षा के महत्व को समझ रही हैं। वहीं बच्चे भी अपने माता-पिता को साक्षर बनाने में अभूतपूर्व योगदान देकर मिसाल बन गए हैं। बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्र ने कहा कि “साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान नहीं है, बल्कि यह आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार है। हमारी यह पहल तभी सफल मानी जाएगी जब शिक्षा का प्रकाश हर परिवार तक पहुंचे। बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर इस कार्य को सफल बनाया है, और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।” ब्लॉक में साक्षरता दिवस का यह अनूठा प्रयास न सिर्फ शिक्षा की नई दिशा दिखाता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि साक्षरता ही वास्तविक विकास की कुंजी है।