संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। तहसील क्षेत्र में मानक विहीन नर्सिंगहोम संचालित हैं। आग से बचाव के लिए न पाइपलाइन है न इमरजेंसी दरवाजा है। कुछ नर्सिंगहोम तो मुर्गी के दरबे की तरह हैं। जहां मरीज भर्ती होने पर परेशानी झेलते हैं।
मेंहदावल नगर क्षेत्र में करीब एक दर्जन नर्सिंगहोम संचालित हैं। इसमें दो नर्सिंगहोम ऐसे हैं जहां डॉक्टर स्वयं बैठते हैं। स्वास्थ्य विभाग के मानक को भी पूरा करते हैं। वहीं 10 नर्सिंगहोम ऐसे हैं जिनके पास अग्निशमन की पूरी व्यवस्था नहीं है। यदि कहीं भी नर्सिंगहोम में आग लगने जैसी घटना हो जाए तो मरीज तथा उनके परिजन को निकालने के लिए इमरजेंसी दरवाजे तक नहीं हैं।
नंदौर बाजार व बखिरा क्षेत्र में भी आधा दर्जन नर्सिंगहोम हैं लेकिन रजिस्ट्रेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जो नियम निर्धारित किए हैं उसका पालन कहीं होता नजर नहीं आ रहा है। कई नर्सिंगहोम ऐसे हैं जहां कौन चिकित्सा मरीज का इलाज करता है तथा डिलीवरी करता है इसका लेखा-जोखा तक नहीं रहता।
डॉक्टर आते हैं महिला मरीजों का ऑपरेशन करके चले जाते हैं। नर्सिंगहोम में अनट्रेंड लोग इलाज करते हैं।