धनघटा। मनरेगा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में अब तक चाहे जो फर्जी बाड़ा होता रहा हो लेकिन अब फर्जी बाड़ा करना टेढ़ी खीर है। शासन ने मनरेगा श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने की नई व्यवस्था लागू की है। अब मजदूरों की हाजिरी आधार फेस रीडिंग के आधार पर लगेगी।
नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम एप लॉन्च किया गया है। इस एप्स के जरिए कार्यस्थल पर उपस्थित श्रमिक की रियल टाइम फोटो खींचकर सिस्टम पर अपलोड की जाएगी। जिससे उसके उपस्थित का प्रमाण स्वत: तैयार हो जाएगा। मनरेगा के तहत प्रत्येक श्रमिक को साल में 100 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है। विकास खंड हैंसर बाजार और पौली में इस समय 47 हजार से अधिक जॉब कार्ड धारक हैं। शासन की निर्देश है कि सभी जॉब कार्डधारक को ईकेवाईसी अनिवार्य रूप से कराई जाए।
जिन जिन श्रमिकों की ई केवाईसी पूर्ण नहीं होगी उनकी उपस्थित दर्ज नहीं की जाएगी और उन्हें मजदूरी का भुगतान भी नहीं मिलेगा। इन विकास खंडों में अब तक कई ग्राम पंचायत में मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाए जाने की बात सामने आती रही। कई जगहों पर तो प्रधान और रोजगार सेवक बगैर काम कराए हाजिरी लगाते रहे।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी के के दुबे का कहना है कि शासन की ओर से लागू की गई या नई तकनीक पारदर्शिता बढ़ाने में एक बेहतर कदम है। फेस रीडिंग व्यवस्था लागू होने से अब किसी भी स्तर पर फर्जी हाजिरी या भुगतान नहीं हो पाएगा।