अब अस्पताल में मौके पर ही मिल रही एंबुलेंस
मरीजों की परेशानी दूर करने को बनी एंबुलेंस हेल्प डेस्क
108-102 पर फोन न लगने की स्थिति में काम करती है डेस्क
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आपातकालीन मरीजों को एंबुलेंस की सेवा शीघ्र उपलब्ध करवाने के लिए जनपद के अस्पतालों में एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से हेल्प डेस्क बनाई गई है। इन हेल्प डेस्क पर काम करने वाले कर्मचारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को त्वरित एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। इस नई व्यवस्था से अधिक से अधिक लोगों को एंबुलेंस सेवा का लाभ मिल रहा है।
आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर राहुल मिश्रा ने बताया कि जिले में 47 आपातकालीन एंबुलेंस हैं। इनमें से गर्भवतियों के लिए 102 एंबुलेंस सेवा की 21,108 एंबुलेंस सेवा की 23 तथा एडवांस लाइफ सपोर्ट सेवा की तीन एंबुलेंस हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन जरूरतमंद मोबाइल से कंट्रोल रूम को फोन लगाते हैं तो नहीं लगने की समस्या भी सामने आती है। इससे बचने के लिए अस्पताल में हेल्प डेस्क बनाई गई है। अस्पताल के हेल्प डेस्क के कर्मी कंट्रोल रूम को फोन न लगने की स्थिति में सीधे मरीजों के परिजनों से उच्चाधिकारियों से बात करके आईडी तैयार कर देते हैं तथा मौके पर मौजूद एंबुलेंस में मरीज को भेज देते हैं। इसके साथ ही अगर कोई महिला खुद ही प्रसव के लिए चली आई है तो उनको भी चिह्नित करते हैं तथा अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर उन्हें एंबुलेंस के जरिए ही घर भेजते हैं।
रेस्पांस टाइम हुआ बेहतर
एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर राहुल मिश्र ने बताया कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा ने पिछले माह एक मिनट सात सेकेंड का रेस्पांस टाइम लेते हुए 76 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। 102 एंबुलेंस सेवा ने 11 मिनट 36 सेकेंड का औसत रेस्पांस टाइम लेते हुए 4090 गर्भवतियों को अस्पताल लाया और उनके घर छोड़ा। जबकि 108 आपातकालीन सेवा ने 18 मिनट 18 सेकेंड का रेस्पांस टाइम लेते हुए 1808 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। इस नई व्यवस्था से मरीजों को भी लाभ हुआ है।
सभी अस्पतालों में बनी है हेल्प डेस्क
जनपद में 24 घंटे चलने वाले सभी अस्पतालों में एंबुलेंस हेल्प डेस्क की तैनाती की गई है। इसके साथ ही महिलाओं की सुविधा के लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद, पीएचसी बघौली में बने हेल्प डेस्क पर महिलाओं की तैनात की गई है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि वे महिलाओं के बीच घुल-मिलकर उनकी समस्याओं का निदान कर सकें।