संतकबीरनगर। सेफ सिटी के तहत खलीलाबाद शहर के प्रमुख चौराहों को विकसित करने की योजना तैयार की गई थी। इसके तहत चौराहों के चौड़ीकरण व सुंदरीकरण के कार्य कराए जाने थे, लेकिन अब तक मेंहदावल बाईपास को छोड़कर इस योजना पर अमल नहीं हो सका है। अब नए सिरे से शहर के 10 चौराहों को चिह्नित कर विकसित करने की पहल की गई है।
बता दें कि पिछले दिनों जिले की प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान भी यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद इसके लिए नए सिरे से कार्ययोजना बनाकर इन चौराहों का विकास करने के लिए कहा गया है। शहर को सेफ सिटी बनाने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ने पहल की थी। इसके लिए शहर के प्रमुख चौराहों का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण कराया जाना था। ताकि शहर में आने वालों को सुखद अनुभूति हो।
इस योजना के तहत सिर्फ मेंहदावल बाईपास पर कार्य कराया गया। यहां से मेंहदावल की तरफ जाने वाली सड़क पर झूमर लाइटें, फौव्वरा, पाथवे आदि का निर्माण कराया गया, लेकिन शहर के अन्य चौराहे उपेक्षित रह गए। जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसका कारण यह है कि चौराहों के आस-पास ठेला, खोमचा वालों का कब्जा बना हुआ है।
इस समस्या को प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के समक्ष सदर विधायक अंकुरराज तिवारी ने उठाया था। उन्होंने स्वयं की निधि से बजट उपलब्ध कराने की बात कही थी। अब पालिका प्रशासन शहर के आजाद चौक, कबीर चौराहा, नेहरू चौक, बैंक चौराहा, शुगर मिल चौराहा, सरैया बाईपास चौराहा, दुर्गा मंदिर चौराहा, स्टेशन रोड तिराहा आदि के विकास के लिए कार्य योजना बनाने की तैयारी में है।
इस योजना के तहत चौराहों के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण के साथ ही प्रत्येक चौराहे के पास वॉशरूम बनाने की योजना है। यह योजना अमल में आई तो न सिर्फ शहर में जाम की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि शहर स्वच्छ एवं सुंदर दिखेगा।