जिला पूर्ति विभाग के अफसरों की रेंडम जांच में कमियां पाए जाने पर मिट्टी तेल के दो थोक विक्रेता और एक कोटेदार को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जबकि एक कोटेेदार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि नौ नवंबर को आपूर्ति निरीक्षक ओंकार त्रिपाठी ने खलीलाबाद क्षेत्र के गोडही के कोटेदार सूर्यनरायन की दुकान का रेंडम जांच की। जांच में पाया कि मिट्टी के तेल और चीनी की निर्धारित दर से अधिक मूल्य उपभोक्ताओं से लिया जा रहा है।
चीनी तेरह रुपये पच्चास पैसे किलोग्राम की जगह पंद्रह रुपये और मिट्टी तेल सत्रह रुपये की जगह बीस रुपये लीटर वसूल किया जा रहा है। आगे बताया कि कोटेदार सूर्य नरायन को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। इसी तरह क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार ने छह नवंबर को मिट्टी तेल के थोक विक्रेता मेसर्स राम आसरे राम ध्रुवचंद्र के वहां जांच की।
जांच में पाया कि रोस्टर के अनुसार मिट्टी तेल का आमद नहीं हुआ था। इसके अलावा स्टॉक बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं था। जबकि थोक विक्रेता जय जवान आयल कंपनी के वहां जांच में टोल फ्री नंबर प्रदर्शित नहीं पाया गया। जबकि आरकेबी के वहां सब कुछ ठीकठाक मिला। डीएसओ एपी सिंह ने बताया कि दोनों थोक विक्रेताओं को भी नोटिस देकर जबाब मांगा गया है। इसी तरह सौरहा सिंघोरवा के कोटे की दुकान जांच में कमी पाए जाने पर निलंबित हुई थी। कोटेदार की तरफ से जबाब आने के बाद पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उस कोटेदार के सहयोगी को हटाते हुए दूसरे सहयोगी को रखे जाने का निर्देश दिया है।