फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटों की बंदी से घटी सरकार की आमदनी

Tue, 15 Nov 2016 11:23 PM IST
Sant Kabir Nagar
विज्ञापन
money
विज्ञापन
 500 और 1,000 रुपये के नोटों के प्रचलन से बंद होने के बाद एक ओर खुरदरे का संकट खड़ा हो गया है। दूसरी ओर शराब की बिक्री, रजिस्ट्री कम होने और चालान कम कटने से सरकार की आय भी घटी है। 
विज्ञापन


बड़े नोट बंद होने के बाद से जिले में सरकारी शराब की बिक्री घटी है। सूत्र बताते हैं कि फुटकर पैसे की कमी की वजह से कच्ची शराब के अड्डे भी गुलजार नहीं हो पा रहे है। आबकारी इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नौ नवंबर के बाद से सरकारी शराब की बिक्री 20 प्रतिशत कम हो गई है। सुबह से शाम तक गुलजार रहने वाला रजिस्ट्री कार्यालय भी सन्नाटे के आगोश में है। 

सहायक उप निबंधक सुप्रशांत दुबे ने बताया कि नौ नवंबर को आठ, दस नवंबर को सात और 11 नवंबर को 13 रजिस्ट्री हुई है। वैसे औसतन प्रतिदिन 20 से 22 रजिस्ट्री होती थी। मंगलवार को सिर्फ एक वसीयत हुई है और रजिस्ट्री करवाने दो लोग आए है। आलम यह है कि पैसे के लिए बैंकों और एटीएम में लाइन में लगे सुशील, अमरेंद्र ,ज्ञानेंद्र और जनार्दन आदि ने बताया कि कतार में लग कर पैसा लेने में दिक्कत तो हो रही है ,लेकिन राष्ट्र हित में यह निर्णय अच्छा हुआ है। 
विज्ञापन


वहीं यातायात माह में बिना हेलमेट, बगैर कागजात और गलत साइड या नो इंट्री में घुसने वाले वाहनों के चालान की गति भी सुस्त हो गई है। ट्रैफिक पुलिस मेंहदावल बाईपास पर अक्सर चेकिंग करके वाहनों का चालान करती है, लेकिन नौ नवंबर के बाद वाहनों का चालान सीमित संख्या में हुआ है। आंकड़े बताते है कि प्रतिदिन करीब 20 से 25 वाहनों का चालान सिर्फ ट्रैफिक पुलिस करती है, लेकिन इधर संख्या चार और पांच तक सिमट गई है। टीएसआई अजीत सिंह ने बताया कि वाहनों का चालान करने पर लोग बड़ा नोट देते हैं, लेकिन पुलिस अपना काम कर रही है। चालान रसीद वाहन स्वामियों को दी जा रहा है और वह बाद में जुर्माना जमा करेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें