संतकबीरनगर। डीजे सिर्फ सेहत और यातायात के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि जगह-जगह विवाद की जड़ भी बन रहा है। तीन दिन पूर्व दुधारा क्षेत्र के वाकरगंज तेज डीजे बजाने से मना करने पर में मारपीट हुई थी।
इसमें दोनों पक्षोें की तरफ से केस भी दर्ज हुआ है। वहीं शुक्रवार को शहर के मुखलिसपुर ओवरब्रिज के पास बरात निकलने की वजह से जाम लग गया। राहगीर ने तेज आवाज में डीजे बजाने से मना किया। इस दौरान बराती और राहगीर में विवाद हो गया। हालांकि कुछ लोगों ने मामला संभाल लिया।
आज के समय में सहालग में डीजे का चलन बढ़ है। पिछले साल नवंबर में डीजे तेज आवाज में बजाने को लेकर कोतवाली पुलिस ने पांच डीजे संचालकों पर केस दर्ज किया था। इधर फिर सहालग दौर चल रहा है। 27 नवंबर को दुधारा क्षेत्र के वाकरगंज में बरात निकली थी। रात नौ बजे के करीब बरात राजू के दरवाजे से जा रही थी। डीजे की तेज आवाज को धीमा करने के लिए राजू के कहने पर बरातियों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया।
बचाव में आए परिजनों को भी मारे-पीटे। इसमें राजू की तहरीर पर जोखू प्रसाद, अमित, विनोद कुमार और छोटेलाल पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
वहीं वाकरगंज गांव निवासी दूसरे पक्ष से जोखू निषाद ने पुलिस को दिए शिकायत में बताया कि 28 नवंबर को उनके घर पर शादी थी और डीजे बज रहा था। सुबह आठ बजे डीजे बजाने के विवाद को लेकर विपक्षी धरमात्मा, गुल्लू, संतराज, परमात्मा गोलबंद होकर दरवाजे पर आकर गाली देने लगे। मना करने पर मारपीट शुरू कर दिए। बीच-बचाव में आए परिजनों एवं अन्य को भी पीटकर घायल कर दिया और जानमाल की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को केस दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
इसके अलावा शुक्रवार की रात शहर के मुखलिसपुर ओवरब्रिज के पास बरात निकली तो जाम लग गया। इस दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। जिसके चलते बराती और राहगीर के बीच विवाद हो गया। हालांकि कुछ लोगों ने मामले को किसी तरह से शांत कराया और बरात आगे निकल गई।
डीजे के लेजर लाइट से आंख खराब होने का खतरा : सहालग में डीजे की तेज आवाज से कान संबंधी समस्या होती है।
वहीं लेजर लाइट वाले डीजे साउंड से आंखे भी खराब होने का खतरा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. केपी सिंह ने बताया कि लेजर के पास और दूर दोनों जगहों पर एक जैसा खतरा रहता है। लेजर लाइट की किरणें आंखों की पुतली पर एक छोटे और तीव्र बिंदु पर केंद्रित होती है, जिससे जलन या अंधेपन की समस्या हो सकती है। लेजर लाइट से गर्भवती महिलाएं, परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी, सीनियर सिटीजन एवं मरीज प्रभावित होते हैं।