सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सोमवार को भी ग्रामीण न्यायालय की स्थापना के विरोध में कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण सोमवार को भी जनपद न्यायालय के किसी भी न्यायालय एवं अधिकरण में न्यायिक कार्य नहीं हुआ।
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम मिश्रा एवं महामंत्री सिद्धनाथ पांडेय ने बताया कि कार्यकारिणी की आवश्यक बैठक करके ग्रामीण न्यायालय के विरोध में कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया गया। सामान्य सभा ने ग्रामीण न्यायालय की स्थापना के विरोध का निर्णय लिया है।
सामान्य सभा के निर्णय के तहत सोमवार का भी प्रस्ताव पारित किया गया है। यदि ग्रामीण न्यायालय की स्थापना निरस्त नहीं की गई तो अहम रणनीतिक कदम उठाकर पुरजोर विरोध किया जाएगा। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य न करने से वादकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।