संतकबीरनगर। जिले की सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पांच सालों में करीब एक लाख नए वाहन परिवहन कार्यालय में पंजीकृत हुए। वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद भी कही पार्किंग की सुविधा विकसित नहीं की गई। जिले में 11 माह के बीच नो पार्किंग में लगभग 3575 वाहनों का चालान किया गया है। इससे 22 लाख 60 हजार रुपये का राजस्व भी आया। फिर भी नगर पालिका में भी कोई ऐसा स्थान नहीं है जहां वाहनों की पार्किंग की जा सके।
शहर के कई दुकानों के सामने सड़क की पटरी पर वाहन खड़े हो रहे हैं। इसके चलते बाजारों में हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। हाईवे के किनारे वाहन खड़े किए जाने के वजह से हादसे भी हो रहे हैं। शहर में खरीदारी करने के लिए आने वाले दो व चार पहिया वाहन चालकों के लिए गाड़ी खड़ी करने के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है। नगपालिका क्षेत्र में भी सड़क की पटरियों पर वाहन खड़े होते हैं। पार्किंग के लिए कोई स्थान निर्धारित न होने के वजह से लोग जहां-तहां अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। गोला बाजार, बैंक चौराहा, बरदहिया बाजार समेत अन्य तमाम स्थानों पर सड़क की पटरी हर वक्त वाहनों से पटी रहती है। इससे वाहनों के आने-जाने में काफी समस्या होती है। स्कूल छूटने के समय जल्दबाजी के चक्कर में लोग बेतरतीब भी वाहन लेकर भागते हैं। लोगों को आवागमन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यातायात पुलिस उनका नो पार्किंग क्षेत्र में खड़ा रहने की दलील देकर चालान काट देती है।