सांथा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लोहरसन सांथा पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। नेत्र, हड्डी और बाल रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को दूसरी जगह जांच कराने जाना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड व एक्सरें मशीन न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे प्राइवेट पैथोलाॅजी का सहारा लेना पड़ता है।
विकास खंड सांथा के लोहरसन गांव में स्थित 30 बेड वाले सीएचसी की स्थिति खराब हो चुकी है। इस अस्पताल पर प्रतिदिन 200 से 300 मरीज इलाज कराने आते हैं। सीएचसी में छह डाॅक्टर हैं। इसके अलावा यहां तैनात रहे डाॅक्टर हरिशंकर पांडेय तथा डाॅक्टर किरन त्रिपाठी पीजी करने चले गए हैं।
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डॉक्टर राजेश कुमार का मेंहदावल से स्थानांतरण हुआ है। सीएचसी में तीन फार्मासिस्ट स्वीकृत हैं। इसमें एक डीके शुक्ला तैनात हैं। इनके अलावा दो फार्मासिस्ट एक न्यायालय में तथा एक ड्रग में तैनात हैं। बालरोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। जनरल सर्जन की भी तैनाती नहीं है।
सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से गर्भवतियों को जांच कराने के लिए बाहर जाना पड़ता है। आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों तथा महिला डॉक्टर के न होने के कारण निजी अस्पताल में उपचार कराने जाना पड़ता है।