हरिहरपुर। महुली स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में बिजली और पेयजल की सुविधा उपलब्ध न होने के चलते अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है। गर्मी में अस्पताल में तैनात चिकित्सा कर्मियों को भी अव्यवस्था से दिक्कत हो रही है।
महुली और आसपास के इलाके के लोगों के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा मुहैया कराने के मकसद से सरकार ने अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराई है। कोरोना के बाद आयुर्वेद की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेदिक अस्पताल पर मूलभूत सुविधाएं अब भी नदारद हैं।
महुली के आयुर्वेदिक अस्पताल पर परिजनों की दवा कराने अस्पताल आए तीमारदार अनुज कुमार, दीपचंद्र, अशोक, कमलेश ने बताया कि महुली का आयुर्वेदिक अस्पताल काफी पुराना है। इधर कोरोना के बाद अस्पताल को योग वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जिससे बुजुर्गों व बीमार लोगों का योग के जरिये उपचार किया जा सके, लेकिन अस्पताल से बुनियादी सुविधाएं ही नदारद हैं।
लोगों का कहना है कि गर्मी में अस्पताल में बिजली और पेयजल की सुविधा न होने से तैनात चिकित्साकर्मियों के साथ मरीज और परिजनों को काफी दिक्कत हो रही है। अस्पताल के बाहर लगा हैंडपंप दो साल से प्रदूषित पानी दे रहा है। स्थानीय व्यापारी नेता दीपक वर्मा, व्यापारी सुरेंद्र कुमार मद्धेशिया, मिश्रीलाल ने अस्पताल पर बिजली और पेयजल की व्यवस्था की मांग की है।