मेंहदावल। दीपावली पर्व पर जाली नोट चलाने के मामले में तीन दिन की गहन जांच के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग सका है। हालांकि, पुलिस अब भी जांच में जुटी हुई है, लेकिन जाली नोट खपाने के संदर्भ में उसका हाथ होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस के लिए भी यह मामला सिर दर्द बन गया है।
बता दें कि दीपावली पर हुए जुए में कस्बे का एक युवक बड़ी रकम हार गया था। उसने जीतने वाले को नकली नोट पकड़ा दिया था। जब लोग दुकानों पर नोट लेकर पहुंचे तो उसके नकली होने की जानकारी हुई। इसके बाद से कस्बे में मामले की चर्चा शुरू हो गई थी। बाजी जीतने वाले लोग नकली नोट लेकर आरोपी युवक के घर तक गए थे, लेकिन युवक घर से लापता हो गया था। मामला सुखिर्याें में आने पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। पुलिस कस्बे के एक युवक को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने सीडीआर व सर्विलांस टीम की भी मदद ली है। लेकिन, जाली नोट को चलाने को लेकर अब तक कोई सामने नहीं आया।
जिस संदिग्ध आरोपी से पुलिस ने पूछताछ की, वह भी जाली नोट को लेकर कोई जानकारी नहीं दे सका। पुलिस मामले के पर्दाफाश के लिए प्रयास तो कर रही है लेकिन साक्ष्य के अभाव में मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। प्रभारी निरीक्षक मेंहदावल सतीश कुमार सिंह ने कहा कि मामले की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। जाली नोट खपाने के संदर्भ में कोई प्रमाण नहीं मिल पाया है। मामला अफवाह लग रहा है, लेकिन पुलिस अब भी जांच कर रही है। कोई तथ्य सामने आया तो उसके अनुसार अग्रिम कार्रवाई होगी।
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पांच हजार रुपये लाने की बात सामने आई
सूत्रों के अनुसार, जाली नोट से जुड़े संदिग्ध ने अब तक की पूछताछ में पुलिस को पांच हजार रुपये लाने की बात कबूल की है। जिस व्यक्ति से वह जाली नोट लाया था उसका भी नाम बताया है। कस्बे के एक युवक से गुगल पे लेकर 1300 रुपये कैश दिया था। जो नोट दिया वह जाली होने पर दोनों में कहासुनी भी हुई थी। रविवार को पुलिस ने दोनों को आमने-सामने किया तो इसका भी खुलासा होने की चर्चा हो रही है। फिलहाल, पुलिस अब तक ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। संदिग्ध आरोपी युवक अब भी पुलिस के रडार पर है। पूछताछ चल रही है।