राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मगहर के कसरवल में हुई घटना में निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया।
साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय कुमार निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि प्रदेश सरकार ने वादा किया था कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमा वापस लिया जाएगा, लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर गई है। प्रदर्शनकारियों ने जेल में बंद आंदोलनकारियों को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ता राजेंद्र निषाद, बृजेश निषाद, धर्मेंद्र निषाद आदि के नेतृत्व में मंगलवार को बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि निषाद समाज अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहा है। निषाद समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए, क्योंकि यह समाज शैक्षिक, राजनीतिक, आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा है।
कसरवल कांड की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, जिन आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। बाद में जिलाधिकारी को मांग पत्र दिया।
प्रदर्शन में दिवाकर निषाद, महेंद्र निषाद, राजेश निषाद, महाबल निषाद, संगम निषाद, रामजतिन निषाद, कौशिल्या निषाद, मालती निषाद, मेवाती निषाद, सतिया निषाद, बेलावती निषाद, राधा निषाद, रेशमा निषाद, कुसुम निषाद, चीनी निषाद, अनारपति निषाद सहित तमाम लोग शामिल रहे। जोगेंद्र, ओमकार, महाबल, बाबूलाल, चक्रवती, चीनी निषाद, कुसुम, तेरसी देवी सहित तमाम लोग शामिल रहे।