राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को पांचवें दिन कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन जारी रखा। कार्यकर्ताओं ने कसरवल कांड में आरोपी बनाए गए नेताओं को बिना शर्त रिहा करने तथा निषाद जाति को आरक्षण देने की मांग की है।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद की तत्काल रिहाई की जाए। फर्जी मुकदमों को बिना शर्त वापस लिया जाए।
इसके साथ ही पुलिस द्वारा जलाए गए वाहनों की क्षतिपूर्ति को दिलाया जाए। सहजनवां के तत्कालीन थानाध्यक्ष श्याम लाल यादव व अन्य दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
धर्मेंद्र निषाद ने कहा कि निषाद समाज अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहा है। निषाद समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए, क्योंकि यह समाज शैक्षिक, राजनीतिक, आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को मांग पत्र दिया।
प्रदर्शन में संतोष निषाद, मनोज निषाद, कमलेश निषाद, राम प्रसाद निषाद, रामचेत निषाद, रामकेश निषाद, रवि निषाद, बृजेश निषाद, बलवंत निषाद, विजय बेलदार, अमरजीत माझी, अखिलेश, राधिका देवी, सुरसती देवी, अनारपती देवी आदि मौजूद रही।