राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में निषाद समाज के लोगों का उत्पीड़न हो रहा है, इसके पीछे सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों का हाथ है। धरना के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के बैनर तले निषाद समाज के लोग पूर्वाह्न 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना पर बैठ गए। मंडल अध्यक्ष बृजेश कुमार निषाद ने कहा कि पहले सीतापुर के कश्यप निषाद समाज के ऊपर कहर बरपाया गया, अब कुशीनगर जिले के खोटही में चुनावी रंजिश को लेकर निषाद समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि होली के दिन सुनियोजित तरीके से राम अवध निषाद के घर में तोड़फोड़ किया गया, लेकिन सत्ता पक्ष के इशारे पर पुलिस ने दहशत फैलाने के लिए कई राउंड गोलियां चलाई। पीड़ित परिवार को नामजद करते हुए कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कर उत्पीड़न कर रही है। ऐसे ही अन्य कई घटनाएं है जहां निषाद समाज के लोगों का उत्पीड़न हो रहा है। यदि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो वृहद आंदोलन छेड़ा जाएगा।
धरना में धर्मेंद्र कुमार निषाद, संगम निषाद, राजेंद्र निषाद, ओम प्रकाश निषाद, गणेश निषाद, गुलाब निषाद, रामजीत निषाद, राम सन निषाद, महेंद्र निषाद, अजीत निषाद, कुसुम निषाद, कौशिल्या निषाद, मेवाती निषाद, अनारपती निषाद, चीनी निषाद, कांती निषाद, अकाली निषाद, श्रीमती निषाद आदि उपस्थित रहे।