संतकबीरनगर। एनएचएम कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में अड़े हुए हैं। संयुक्त संघर्ष मोर्चा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आह्वान पर उनका प्रदेशव्यापी आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इस दौरान वे सीएमओ कार्यालय पर धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक कार्य बहिष्कार और धरना जारी रहेगा।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने राज्य आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने, एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, सम्मानजनक एवं एकरूप वेतन नीति, सेवा सुरक्षा, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं, आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन तथा समयबद्ध वेतन भुगतान सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया।
कर्मचारियों ने कहा कि एनएचएम कर्मी लंबे समय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सेवा सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों ने शासन से मांग की कि उनकी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द ठोस निर्णय लिया जाए।
जिला संयोजक दीनदयाल वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर संगठन पूरी एकजुटता के साथ संघर्ष कर रहा है। जब तक मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष राजेश पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले सभी एनएचएम कर्मियों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित भविष्य और समान अवसर उपलब्ध कराना है।
धरना में महेंद्र त्रिपाठी, अभय त्रिपाठी, संगीता, डाॅ. श्रेया सिंह, भास्कर पांडेय, अबू बकर, सुरजीत सिंह, दीप आर्या, रंजना कुमारी, नंदिनी राय, डाॅ. दीपक, डाॅ. मनीज वरुण, डाॅ. मंजर, डाॅ. रचना, डाॅ1 अजय चौधरी, डाॅ. अजय पाल आर्या, अशोक यादव, विनय श्रीवास्तव, दुर्गेश, अमित कुमार, राकेश यादव, सुनील मौर्य, राजू भटनागर आदि शामिल रहे।