संतकबीरनगर। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को दिव्यांगजनों की समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण के लिए मोबाइल कोर्ट का आयोजन कलक्ट्रेट सभागार में किया गया। इसमें दिव्यांगजनों की समस्या सुनकर निस्तारण किया गया। इस दौरान 10 दिव्यांगजनों को नवीन पेंशन स्वीकृति प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
इस दौरान सौ से अधिक दिव्यांगजनों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें एवं प्रकरण प्रस्तुत किए। मोबाइल कोर्ट में मुख्य रूप से आवास एवं शौचालय से संबंधित 32 प्रकरण, राशन कार्ड से संबंधित 33, दिव्यांग प्रमाणपत्र से संबंधित आठ, आयुष्मान कार्ड से संबंधित तीन, विद्युत निगम से संबंधित छह प्रकरण, रोजगार से संबंधित पांच, राजस्व से संबंधित तीन, दिव्यांग पेंशन से संबंधित 10 तथा सहायक उपकरणों से संबंधित नौ प्रकरण प्रस्तुत किए गए।
प्राप्त शिकायतों एवं प्रकरणों के निस्तारण के लिए राज्य आयुक्त ने संबंधित विभागों को एक माह की समयावधि निर्धारित करते हुए निर्देशित किया। दिव्यांगजन को हियरिंग एड एवं दो दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर वितरित की गई। मोबाइल कोर्ट में ऐसे दिव्यांग बच्चे भी सम्मिलित हुए, जिनका यूडीआईडी कार्ड एवं दिव्यांग प्रमाणपत्र अभी तक जारी नहीं हो पाया था। उक्त सभी बच्चे श्रवण बाधित (एचआई) श्रेणी से संबंधित थे। इस पर राज्य आयुक्त द्वारा मौके पर ही सीआरसी गोरखपुर से संपर्क कर बच्चों की बेरा जांच के लिए तिथि निर्धारित कराई गई। राज्य आयुक्त ने निर्देशित किया कि अस्थायी दिव्यांग प्रमाणपत्र कदापि जारी न किए जाएं तथा दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनवाई एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर एडीएम न्यायिक चंद्रेश कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्य आदि उपस्थित रहे।