मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों की सुबह केवल प्रार्थना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर दिन नई जानकारी, गतिविधि, नए अनुभव के साथ शुरू होगी। नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘अरुणोदय’ गतिविधि कैलेंडर सत्र 2026-27 से जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि नई पहल से हजारों छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन किसी न किसी विषय पर रोचक ढंग से जानकारी दी जाएगी। यह गतिविधियां विद्यालयों की सुबह की प्रार्थना सभा में संचालित होंगी। जिसमें शिक्षक प्रधानाध्यापक बच्चों को विषय से जोड़ते हुए संवादात्मक तरीके से पढ़ाएंगे।अरुणोदय’ कैलेंडर के अनुसार बच्चों को पर्यावरण, स्वास्थ्य, महापुरुष जयंती, नदियों का महत्व, शब्दज्ञान, कहानी-कविता व कला स्वतंत्रता संग्राम, देशभक्ति, नैतिक शिक्षा और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
एआरपी अनूप कुमार सिंह व निशांत त्रिपाठी ने बताया कि इसके साथ ही मौसम के अनुसार फल-सब्जियों के लाभ, स्वच्छता, पोषण, ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, बाढ़ बचाव, वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण, संचारी रोगों की रोकथाम और विद्यालय शिष्टाचार पर भी विशेष गतिविधियां होंगी। एआरपी प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि गणित का डर दूर करने के लिए पहेलियां, खेल, गणित किट और भारतीय गणितज्ञों की जानकारी भी दी जाएगी। बीईओ ने बताया कि इस कैलेंडर की खास बात यह है कि प्रत्येक गतिविधि के साथ क्यूआर कोड जोड़ा गया है। शिक्षक मोबाइल से स्कैन कर विषय से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी, वीडियो और सामग्री प्राप्त कर सकेंगे।
इससे शिक्षण प्रक्रिया और अधिक रोचक तथा प्रभावी बनेगी। उन्होंने बताया कैलेंडर में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया गया है। उन्हें अच्छी आदतें, अनुशासन, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, जीवन मूल्य, आपदा प्रबंधन और ऋतुओं का ज्ञान, लोकगीत, वाद्ययंत्र, खेल-खेल में विज्ञान सिखाया जाएगा।