बखिरा थाना क्षेत्र के सुपा गांव में मृतक राम सुमेर के घर पसरा सन्नाटा।
बघौली/बखिरा। बखिरा थाना क्षेत्र के सूपा गांव में रविवार की सुबह भतीजे बलिराम और शक्तिमान ने मिलकर अपने चाचा रामसुमेर (55) को हंसिये और पेचकस से मारकर घायल कर दिया। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही रामसुमेर की मौत हो गई। पुलिस ने रामसुमेर के साले की पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह सूपा गांव में रामसुमेर का भतीजों बलिराम और शक्तिमान से किसी बात पर विवाद हो गया। भतीजों ने पिटाई शुरू कर दी। मारपीट में भतीजों ने हंसिये और पेचकस से प्रहार कर दिया, जिससे रामसुमेर लहूलुहान होकर गिर गया। इसके बाद बलिराम और शक्तिमान चाचा रामसुमेर को बघौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
शव घर लाकर भतीजे अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान किसी ने इसकी सूचना रामसुमेर के बढ़या निवासी साले राजमन की पत्नी सोनी को दे दी। जानकारी के बाद सोनी मौके पर पहुंची और पुलिस के आने तक शव उठाने से रोक दिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और रामसुमेर पर हमले में इस्तेमाल हंसिया और पेचकस बरामद कर लिया। इस दौरान दोनों आरोपित मारपीट के दौरान गिरा खून मिट्टी से खोदकर फेंक रहे थे। पुलिस ने दोनों को भी हिरासत में ले लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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चार महीने पहले ही हुई थी पत्नी की मौत
बताया जा रहा है कि रामसुमेर की कोई संतान नहीं थी। करीब चार महीने पहले रामसुमेर की पत्नी की मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद रामसुमेर अकेले पड़ गए थे। दो महीने पहले भतीजे शक्तिमान की पत्नी को बच्चा पैदा हुआ। भतीजों के रहने की व्यवस्था न देखते हुए रामसुमेर ने उन्हें अपने घर में रख लिया था। तभी से दोनों भतीजे बलिराम और शक्तिमान चाचा के साथ उनके घर में रह रहे थे। पिछले तीन दिन से किसी बात को लेकर चाचा और भतीजों में मनमुटाव चल रहा था। रामसुमेर तभी से उनके साथ भोजन भी नहीं कर रहा था। चर्चा है कि रामसुमेर की संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया था।
कोट
रामसुमेर के साले की पत्नी सोनी की तहरीर पर भतीजों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।
- सुशील कुमार सिंह, एएसपी