संतकबीरनगर। अगर आप बाजार से पनीर खरीदकर खाते हैं तो सतर्क हो जाएं। नहीं तो यह सेहत पर भारी पड़ सकता है। खाद्य विभाग की ओर से लैब को भेजे गए खोआ और पनीर की मंगलवार को जांच रिपोर्ट आई। इसमें 11 नमूने अधोमानक मिले हैं।
पनीर और खोआ में फैट नहीं मिला। पनीर में पाम आयल और पाउडर का इस्तेमाल किया गया है। अब खाद्य विभाग दुकानदारों पर केस दर्ज कराएगा। खाद्य विभाग की टीम ने मार्च और अप्रैल माह में जिले के विभिन्न जगहों से पनीर के सैंपल लिए थे। इसके बाद इसका सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पनीर में फैट की मात्रा नहीं थी। इसमें पाउडर और पाम आयल का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किया गया था। यह पनीर बाजार में 220 से 250 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है। जबकि अगर दूध से पनीर बना है तो वह 360 से 400 रुपये किलो बिक्री होती है।
पनीर में फैट न होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। यही हाल खोआ का भी रहा। यह भी मिल्क पाउडर से तैयार किया पाया गया है। पनीर के चार नमूनों की रिपोर्ट में चारों में फैट की मात्रा नहीं मिली है। जबकि खोआ के सात नमूनों में सातों अधोमानक मिले हैं। विभाग अब इन कारोबारियों पर केस दर्ज कराने की तैयारी में है।
आजाद चौक पर पकड़ा गया था 35 क्विंटल पनीर : पांच माह पहले आजाद चौक पर 35 क्विंटल पनीर पकड़ा गया था। इससे दुर्गंध आ रही थी। यह पनीर गोरखपुर के खजनी से लाई गई थी। जिसे खाद्य टीम ने नष्ट करा दिया था। इसके साथ ही सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। वहीं मगहर के एक दुकान से 20 किलो खोअा भी नष्ट कराया था। खोअा पूरी तरह से खराब हो चुका था।
150 ग्राम फैट होना जरूरी : पनीर हर घर में लोग पसंद करते हैं। डिमांड के आधार पर आपूर्ति करने और चार गुना मुनाफा कमाने के लालच में मिलावट का कारोबार जोर पकड़ने लगा है। एक किलोग्राम शुद्ध पनीर में 175 ग्राम फैट होता है। अगर दूध में मिलावट है तो भी 150 ग्राम फैट होना जरूरी है, लेकिन यहां पनीर की जांच में फैट ही गायब मिला है।
बाजार में बिक रहा खोवा