मगहर(संतकबीरनगर)। गांधी आश्रम कर्मियों के आंदोलन को खत्म करने पहुंचे एसडीएम का प्रयास भी विफल हो गया। इससे नाराज एसडीएम ने गांधी आश्रम के पूर्व व वर्तमान मंत्री को हिरासत में लेने का निर्देश दिया। आंदोलनकारी कर्मचारी मांग पूरी हुए बिना आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद एसडीएम दोनों पूर्व मंत्रियों को अपनी गाड़ी से लेकर लौट आए।
मगहर गांधी आश्रम के कर्मचारी वेतन व बकाया भुगतान की मांग को लेकर गांधी आश्रम गेट पर धरना दे रहे हैं। आंदोलन की अगुवाई कर रहे कर्मचारी यूनियन के मंत्री शिवशंकर यादव ने कहा कि बकाया भुगतान सहित सात मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के समर्थन में बैठे भाकियू जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र ने कहा कि समस्या का हल नहीं निकला तो भाकियू आंदोलन को व्यापक बनाएगी।
मंगलवार की दोपहर में धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम सदर एसपी सिंह ने आंदोलनकारी कर्मचारियों से वार्ता शुरू की। समस्या का हल बताने के लिए गांधी आश्रम के वर्तमान व पूर्व मंत्री को भी बुलाया गया।
दोनों मंत्री खुद को वर्तमान बता रहे थे लेकिन समाधान नहीं बता पाए। वार्ता विफल होने से नाराज एसडीएम ने गांधी आश्रम के इन दोनों मंत्रियों को हिरासत में लेने का निर्देश अपने सुरक्षा कर्मियों को दिया। इस पर सुरक्षा कर्मियों ने दोनों मंत्रियों को पकड़कर एसडीएम की गाड़ी में बैठा दिया। इस दौरान भाकियू मंडल अध्यक्ष सुभाषचंद किसान, रामरूप चौधरी, रामटहल, विजय वर्मा, रामदरश, रामजी यादव, इंद्रेश कुमार, दयाराम विश्वकर्मा, महेंद्र राय, राम सागर चौधरी, रमई चौधरी, कृष्णचंद दूबे, फूलदेव, जगई, रामअधारे, नाथूराम, सुभाष चंद पांडेय, राबड़ी देवी, रामरूप चौधरी, राजबहादुर तिवारी, अर्जुन, वीरेंद्र दूबे, रामवृक्ष आदि मौजूद रहे। उधर, एसडीएम एसपी सिंह ने बताया कि मौके पर बातचीत में पता लगा कि गांधी आश्रम के दो वरिष्ठों के बीच मंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान से समस्या गंभीर हो गई है। दोनों अपने को वर्तमान पदाधिकारी बता रहे हैं लेकिन समस्या समाधान का उपाय नहीं बता रहे। इसलिए दोनों को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया है। इनकी वजह से विवाद की आशंका है, लिहाजा दोनों पर वैधानिक कार्रवाई होगी।