जिला अस्पताल में दांत का इलाज करते चिकित्सक। संवाद
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में दंत रोग के मरीज बढ़ रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. एके पाठक ने बताया कि प्रतिदिन 40 से 50 मरीज दांतों की समस्याएं लेकर ओपीडी में आते हैं। इनमें दांतों में सड़न, कैविटी, झनझनाहट, मसूड़ों की सूजन और बदबू जैसी शिकायतें प्रमुख हैं।
डॉ. पाठक ने कहा कि दांतों की सफाई के प्रति लापरवाही अब पूरे शरीर की सेहत पर भारी पड़ रही है। मुंह में पनप रहे बैक्टीरिया पेट में पहुंचकर पेट की कई गंभीर बीमारियों का कारण बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना 15 से 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं जो दांत ठीक से न साफ करने की वजह से समस्याओं से जूझ रहे हैं।
डॉक्टर ने सलाह दी कि सुबह उठकर सबसे पहले ब्रश करें, फिर कुछ खाएं। रात को सोने से पहले भी ब्रश करना अनिवार्य है। साल में कम से कम एक बार दंत चिकित्सक से जांच अवश्य कराएं। खासकर मधुमेह के मरीजों को दांतों की देखभाल में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. पाठक ने कहा कि 15 से 20 वर्ष के युवा शौक के चक्कर में पान-गुटखे की लत में फंस रहे हैं, जिससे ओरल कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। गुटखा दांत खराब करता है।
जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के दंत विभाग में सभी प्रकार के दंत रोगों का समुचित इलाज उपलब्ध है। डॉक्टर ने अपील की कि किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें, खुद दवा न लें।