मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के तीसरे दिन महोत्सव के मुख्य मंच पर महंत विचारदास के सानिध्य में सर्व धर्म संभाव सम्मेलन का आयोजन किय गया। जिसमें विभिन्न धर्मों के विद्वतजनों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी लोगों ने मानव धर्म को सबसे बड़ा धर्म बताया। इस दौरान सभी विद्वतजनों ने एक स्वर में कहा कि सभी धर्म आपस में मिलजुल कर साथ रहने की सीख देते हैं।
कबीर निर्वाण स्थली कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में चौरी चौर कबीर मठ के महंत श्रीराम चंद साहेब ने कहा कि कबीर की वाणी को आत्मसात करने की आवश्यकता है। मनुष्य अपने विचार को बदल कर सारी दुनिया को बदल सकता है। कबीर आश्रम चौरी चौर के संत संजय दास ने कहा कि सत्य, प्रेम की करुणा की शरण ग्रहण करे तो मानवभाव एक समान, एक पिता की सब संतान की युक्ति पूरी हो। हम सब उसकी संतान है। कोई भी धर्म हिंसा की इजाजत नहीं देता है।
साध्वी सेवा दास ने कहा कि सभी धर्म आपस में मिलकर रहने की सीख देते हैं। कबीर साहेब ने मानव धर्म को धर्म मन है। सभी जीव दया के पात्र हैं। सभी में परमात्मा का वास होता है। राजस्थान से आए संत सोहम दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर ने जीवन जीने की कला सिखाई है। उनके कहे गए एक एक शब्द अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाते हैं। डॉ. हरिशरण शास्त्री ने कहा कि सद्गुरु ने गुरु की महिमा का बखान करते हुई कहा कि गुरु हमें सत्य मार्ग दिखाता है। उन्होंने जीवन भर कुरीतियों से लड़ते हुए एक परमात्मा की बात कही जिसके हम सभी संतान हैं।
महंत हरिश्चंद दास ने कहा कि सभी धर्म सदमार्ग दिखाते हैं। सत्य पर चलना, सभी जीवों के प्रति स्नेह रखना हम सभी का दायित्व बनता है। कबीर साहेब ने भी सदमार्ग पर चलने की बात की है। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. हरिशरण शास्त्री ने किया।
इस मौके केशव दास, सय्यद शमीम अहमद, अरविंद दास शास्त्री, अवधेश सिंह, नूरुज्जमा अंसारी, संत शांति दास, राम सेवक दास, विजय तिवारी, गयासुद्दीन खान, गुलाम हुसैन, अजय सिंह वर्मा, बब्बू सिंह, मेराज खान आदि मौजूद रहे।