जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़-संवाद
संतकबीरनगर। बड़ी संख्या में युवा सर्वाइकल के शिकार होने लगे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि दिनचर्या में बदलाव के साथ ही उठने-बैठने व सोने का गलत तरीका इसका सबसे बड़ा कारण है। गर्दन में हो रहे दर्द की अनदेखी न करें, यह सर्वाइकल का लक्षण हो सकता है। जिला अस्पताल में गर्दन में दर्द की शिकायत लेकर आने 80 मरीजों में से 15 सर्वाइकल से पीड़ित मिल रहे हैं।
भागदौड़ भरी अव्यवस्थित दिनचर्या, गलत तरीके से सोने, लगातार बैठकर काम करने या किसी दुर्घटना की वजह से अक्सर लोग गर्दन में दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसा होने पर बहुत थकावट महसूस होती है। ये लक्षण सर्वाइकल के हैं। इसकी अनदेखी आपकी समस्या को और बढ़ा सकती है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन गर्दन में दर्द की शिकायत लेकर औसतन 80 मरीज पहुंचते हैं। उनमें 15 ऐसे मरीज मिलते हैं, जो सर्वाइकल से पीड़ित हैं।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंह का कहना है कि धीरे-धीरे यह दर्द गर्दन से बढ़कर कर कंधों और पीठ तक पहुंच जाता है। इसके बाद उठने-बैठने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में डॉक्टर भी बेड रेस्ट करने की सलाह देते हैं। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र भी सर्वाइकल का एक कारण हो सकती है। सिर पर बोझ ढोने वाले व्यक्ति को भी यह समस्या हो सकती है। लगातार बैठकर और सिर झुकाकर काम करते रहने से भी यह समस्या हो सकती है। किसी तरह के एक्सीडेंट या मारपीट के दौरान लगी चोट की वजह से भी हो सकता है। इसमें ज्यादातर युवा भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
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ऊंची तकिया लगाने से भी होती है दिक्कत
डॉक्टर मानते हैं कि ऊंची तकिया लगाने की वजह से भी दिक्कत हो सकती है। सोने के गलत तरीके से भी सर्वाइकल की दिक्कत हो सकती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंह का कहना है कि सर्वाइकल से गर्दन में सूजन और जकड़न की समस्या होने लगती है। गर्दन की मांसपेशियों में दर्द रहता है। सिर में लगातार दर्द की शिकायत रहती है। हाथ और पैर में झुनझुनी की समस्या होने लगती है। गर्दन घुमाने पर आवाज निकलती है। लगातार उल्टी महसूस होती है। इसके लिए चिकित्सक की सलाह जरूर लें।