संतकबीरनगर। जनपद में भीषण गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के कारण लो- वोल्टेज की समस्या हो गई है। बिजली की लाइनें भी ओवरलोड हैं और आए दिन कहीं न कही फाल्ट हो रहा है। जिले में 62 फीडर हैं। इसमें से दस फीडर ऐसे हैं जहां पर सबसे ज्यादा लगभग 40 प्रतिशत लाइनलाॅस हो रहा है। बाकी के 52 फीडर पर भी 20 प्रतिशत के आसपास लाइनलाॅस है। इससे निपटने के लिए विद्युत निगम ने टीम का गठन किया है। सभी 62 फीडरों पर 3,01,533 उपभोक्ताओं के सापेक्ष लगभग 70 हजार के करीब उपभोक्ता बिजली चोरी कर रहे हैं। अब इनके खिलाफ अभियान शुरू होने जा रहा है।
लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद बिजली निगम के अधिकारी अब बिजली चोरी रोकने और लाइनलाॅस को कम करने के अभियान में तेजी से जुट गए हैं। ताकि विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। इसके लिए अधीक्षण अभियंता की तरफ से शेड्यूल बना लिया गया है। निगम के कर्मचारी और विजिलेंस की संयुक्त टीम बनाकर तिथिवार क्षेत्र निर्धारित करते हुए जांच करने का आदेश दिया गया है।
विभागीय जानकारों की मानें तो मेंहदावल डिवीजन में 35 प्रतिशत और खलीलाबाद डिवीजन में 30 प्रतिशत तक बिजली का खपत सामान्य दिनों की अपेक्षा इस समय बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग एक दिन में 176 मेगावाट खर्च हो रहा है। मई महीने में जिले के उपभोक्ताओं ने 59,814, अप्रैल माह में 46,693 और मार्च महीने में 34,757 मेगावाट बिजली खर्च किया। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के कारण लो वोल्टेज की समस्या हो गई है। बिजली की लाइनें भी ओवरलोड हैं। आए दिन कही न की फाल्ट सामने आ रहा है। इससे निपटने के लिए हाई लाइनलाॅस वाले फीडर चिहिन्त करके जांच अभियान चलेगा। इन फीडरों पर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की आशंका है।
शहर में भी खूब हो रही बिजली चोरी
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी हो रही है। तीन दिन पूर्व खलीलाबाद शहर के नूरी मस्जिद के बगल स्थित कांप्लेक्स में बाईपास करके चोरी से बिजली उपभाेग करना पाया गया। इसके अलावा शहर के कई मोहल्लों की जांच की गई। गोला बाजार में घरेलू परिसर में पांच किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी गई। इसके अलावा भी तमाम परिसरों का लोड ज्यादा मिलने पर बढ़ाया गया।
जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए हाई लाइनलाॅस वाले दस फीडर चिन्हित किए गए हैं। इन फीडरों से संबंधित इलाकों में जांच की कार्रवाई तेज की जाएगी। जो भी बिजली चोरी, विधा से विपरीत या लोड से अधिक बिजली प्रयोग करते हुए मिलेगा, उस पर कार्रवाई होगी। इसके लिए विजिलेंस के साथ संयुक्त टीम का गठन कर जांच का शेड्यूल तैयार कर दिया गया है। अभी तक सात मामलों में एफआईआर पंजीकृत कराया गया है।
- रमेश सिंह, अधीक्षण अभियंता