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देर शाम तक मंदिरों की होती रही साफ सफाई

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नवरात्रि पर समय माता मंदिर की साफ सफाई हुई। - फोटो : KHALILABAD
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फोटो है
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नवरात्र आज से, सजे देवी मंदिर
जनपद में 640 मूर्तियां होंगी स्थापित, शनिवार की देर शाम तक मंदिरों की होती रही सफाई
सुरक्षा के लिए पुलिस ने तैयार की रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में नवरात्र पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं। रविवार से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर शनिवार को प्रमुख देवी मंदिरों के साथ देवी प्रतिमा स्थापित होने वाले स्थलों पर साफ-सफाई का कार्य हुआ। जिले में कुल 640 मूर्तियां स्थापित हो रही हैं।
रविवार से नवरात्र शुरू हो रहा है। खलीलाबाद शहर स्थित समय माता मंदिर, पाटेश्वरी देवी मंदिर, बरदहिया स्थित दुर्गा मंदिर, उसका कला स्थित देवी मंदिर में साफ-सफाई देर शाम तक होती रही। ग्रामीण क्षेत्रों में मेंहदावल के बाराखाल दुर्गा मंदिर, नगर वाली माता मंदिर, बेलहर कला में स्थापित सिद्धेश्वरी माता मंदिर, जंगल बेलहर में स्थापित दुर्गा मंदिर में भी साफ-सफाई हो रही थी। महुली और धनघटा क्षेत्र के देवी मंदिरों, बखिरा में भंगेश्वर नाथ मंदिर में स्थापित दुर्गा मंदिर में साफ-सफाई, समय जी मंदिर आदि जगहों पर तैयारियां चल रही थीं। महुली निवासी पंडित वाचस्पति द्विवेदी बताते हैं कि नवरात्र पर्व की अपनी महत्ता है। नौ दिन लोग पूजा-पाठ करते हैं। देवी मंदिरों में लोग जाते हैं और श्रद्धा से पैसे, वस्त्र, फल आदि चढ़ाते हैं। देवी की महिमा का बखान करते हुए बताया कि नवरात्र पर पूजा करने से कष्ट, रोग आदि का निवारण होता है। एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर प्रत्येक मूर्ति पर दो-दो सिपाही अथवा होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है। मूर्ति विसर्जन में भी पर्याप्त फोर्स रहेगी। उनका कहना है कि आयोजक मंडल भी स्वयं सुरक्षा की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें। अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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आस्था का केंद्र है समय माता का मंदिर
खलीलुर्रहमान के किले के पास स्थित समय मां के मंदिर में रोज होती है आरती
मुंडन, यज्ञोपवीत, शादी विवाह की दिखाई का भी रस्म अदा करते हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जनपद के प्रमुख देवी मंदिरों में खलीलाबाद शहर में स्थित मां समय जी का मंदिर है, जो खलीलुर्रहमान के किला के समीप है। यह मंदिर भक्तों के आस्था का केंद्र है। यहां सच्चे मन से मांगी गई भक्तों की मुरादें पूरी होती हैं।
शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं समाजसेवी अमरनाथ रूंगटा ने बताया कि निर्जन स्थान को पसंद करने वाली देवी ने कितने वर्षों तक छत की सेवा स्वीकार नहीं की। करीब सौ साल पहले नगर के एक भक्त (रामनारायण जैन) के सपने में दर्शन देकर मां ने उन्हें छत लगाने की प्रेरणा देकर यह सेवा स्वीकार की। तब चहारदीवारी और छत लग सकी। इसके पूर्व जब भी छत का प्रयास हुआ, छत ढह जाती रही, कभी दीवार गिर जाती थी। बाद में इक्कीसवीं सदी के प्रारंभ में फिर मां समय महारानी ट्रस्ट की सेवा स्वीकार हुई। चबूतरा पर स्थापित मां समय का स्वरूप भव्य मंदिर के रूप में निखर कर सामने आया। उसके बाद विधिपूर्वक प्रार्थना पूजा के बाद हनुमान जी, भैरव बाबा, मां दुर्गा की मूर्ति स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा हुई। मंदिर में निरंतर सेवा की कोशिश हुई। इसके लिए क्षेत्र के विद्वान डॉक्टर रामसुभग ओझा के संरक्षकत्व में स्वर्गीय रामकृपाल रूंगटा के प्रयास से ट्रस्ट बना। पुजारी की नियुक्ति, पेय जल की व्यवस्था, यज्ञकुंड, विशाल मंडपम, धर्मशाला आदि का निर्माण हुआ। नित्य सुबह-शाम आरती होने लगी, जिसमें सैकड़ों भक्तगण शामिल होने लगे। इस वर्ष चांदी का मंडपम बनाने में ट्रस्ट के लोगों ने सफलता पाई। यह नगर वासियों के लिए मां का अनुग्रह ही है।
बताते हैं कि चार सौ साल पहले स्थापित मां समय की मूर्ति खलीलुर्रहमान के समय से क्षेत्र की आस्था का केंद्र है । यहां दोनों नवरात्र में भारी भीड़ होती ही है। इस अवसर पर एक दिन विशेष आरती का आयोजन काशी के वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा भव्य रूप में आयोजित होता है। हर मंगलवार और रविवार को कढ़ाही चढ़ती है। यहां प्रतिदिन दर्शनार्थी आते हैं। मुंडन, यज्ञोपवीत आदि संस्कार होते हैं। विवाह की राछ घुमानी हो या कन्या छेकाई यहां मां को श्रद्धापूर्वक अर्चन कर ही शुभ कार्य संपन्न होते हैं। यहां हाल में समक्ष समय पर सत्संग, भजनों के आयोजन होते हैं। होली पर सभा होती है और दिवाली हो या कोई पर्व यहां दीपक जलाकर दर्शन करके लोग संतुष्ट होते हैं। पूरे जनपद ही नहीं दूर-दूर से भक्त यहां पधारते हैं। यह सिद्ध और प्रसिद्ध मंदिर नगर और ग्रामीण क्षेत्र के हर हिंदू परिवार के पुत्र-पुत्रियों के विवाह का साक्षी है। हिंदू-मुस्लिम-सिख-जैन सभी इस स्थान का सम्मान करते हैं। सैकड़ों लोग यहां नित्य दर्शन के लिए आते रहते हैं।
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भगवती जागरण का आयोजन चार को
संतकबीरनगर। खलीलाबाद पुरानी सब्जी मंडी में चार अक्तूबर को सायं सात बजे से मां भगवती जागरण व महाआरती का आयोजन किया गया है। इसमें बनारस के प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा महाआरती की जाएगी। जय मां जगदंबे ग्रुप द्वारा आयोजित भगवती जागरण में भजन गायिका उमा लहरी, तुषा बंकू और मशहूर गायक रितेश मनोचा शामिल होंगे। यह जानकारी आयोजक मोनू वर्मा ने दी है।
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