मुलायम सिंह ने पूछा था, विकास चाहिए या जिला
- 2004 में मगहर महोत्सव में आए थे नेताजी
- कार्यकर्ताओं के हर दुख-सुख में शामिल होते थे
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। समाजवादी पार्टी के संरक्षक व पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव का निधन जिले के लिए अपूर्णनीय क्षति है। उनका जिले से काफी लगाव रहा है। वह चुनाव व अन्य कार्यक्रमों में आते रहे। साथ ही नजदीकी कार्यकर्ताओं के वहां समारोह में भी शामिल हुए। मुुलायम सिंह जब मगहर कबीर चौरा आए तो जिले को तोड़ने के सवाल पर बोले कि विकास चाहिए या जिला इस पर पूर्व सांसद स्वर्गीय सुरेंद्र यादव ने कहा था जिला चाहिए, बाद में विरोध के चलते जिले को बहाल कर दिया गया था। लोग आज भी उनकी जुड़ी बातें बताते हुए कहते हैं उनका नाम नेता जी ऐसे ही नहीं पड़ा था।
पूर्व सांसद स्वर्गीय सुरेंद्र यादव के पुत्र आलोक यादव उर्फ सोनू ने बताया कि वर्ष 2004 में सपा के राष्ट्रीय संरक्षक मुलायम सिंह यादव उस समय सीएम थे और मगहर महोत्सव में आए थे। इस दौरान एक जनसभा को संबोधित भी किए थे। उन्होंने जिला तोड़ने की घोषणा की। जिस पर भीड़ ने विरोध जताया तो उन्होंने कहा था कि जिला चाहिए या विकास। इस पर पूर्व सांसद सुरेंद्र ने कहा था कि जिला चाहिए। बाद मे काफी विरोध हुआ। जिस पर मुलायम ने जिले को बहाल कर दिया। इसी तरह से पूर्व विधायक अब्दुल कलाम ने बताया कि मुलायम सिंह हर चुनाव में आते रहे हैं। वह हमेशा कार्यकर्ताओं का हाल चाल फोन पर ही लेते रहते थे। इसी तरह से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जयराम पांडेय, इंदल यादव, जिलाध्यक्ष गौहर अली खां, रामदरस यादव ने बताया कि पूर्व सीएम का जिले से काफी जुड़ाव रहा है। कोई कार्यकर्ता अगर अपने वहां निजी कार्यक्रम में भी बुलाता था तो वह आते थे। वह नेताजी के नाम से कार्यकर्ताओं व आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय हुए।
मगहर महोत्सव के लिए दिया था 25 लाख रुपये
मगहर। मुलायम सिंह के आकस्मिक निधन पर जहां पूरा देश शोकाकुल है। वहीं नगरवासियों में भी दुख की लहर है। मुलायम सिंह से जुड़ी मगहर से तमाम यादों को नगरवासियों ने साझा की। नगर के पूर्व नगर चेयरमैन व मगहर महोत्सव समिति के कार्यकारिणी सदस्य नूरुज्जमा अंसारी, महोत्सव के संस्थापक सदस्य नासिर अली खान, संस्थापक वेद प्रकाश चौबे, संस्थापक सदस्य शिव कुमार गुप्त व सदस्य अवधेश सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने 2004 में मगहर स्थित कबीर की स्थली आकर कबीर की समाधि व मजार पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया था। उन्होंने मगहर महोत्सव के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा भी की थी। जिससे समिति के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। सपा के नगर अध्यक्ष खलील खान, लालचंद यादव, फैज खान फैजी, तनवीर अहमद, मेंहदी हसन ,मोहम्मद अहमद खान, अबरार आलम, बदरुद्दीन, अहमद आलम जेई आदि ने मुलायम सिंह के निधन पर दु:ख जताया है।
सियासत में सबको साथ लेकर चलने की सीख दे गए नेता जी
हरिहरपुर। सियासत में हर वर्ग को साथ लेकर चलने और बिना भेदभाव के हर तबके से जुड़े रहने की सीख नेता जी ने दिया था। करीब छह माह पहले पूर्व सीएम से दिल्ली में हुई एक मुलाकात की यादें साझा करते हुए खलीलाबाद सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे डॉ. अमरेंद्र पांडेय ने कहा कि राजनीति में खुद को स्थापित करने की कोशिशों के बीच दिल्ली में मुलायम सिंह से उनके आवास पर मुलाकात हुई थी। बेहद सादगी और सौम्यता के साथ उन्होंने आशीर्वाद दिया। नेता जी ने कहा था कि राजनीति में कभी द्वेषभाव नहीं होना चाहिए। समाज में हर तबके को साथ लेकर चलने से ही राजनीति में स्थायित्व मिल सकती है। राजनीति में कई लोगों के प्रेरणास्रोत रहे मुलायम सिंह लोगों के जेहन सदैव जिंदा रहेंगे।