रोसयाबाजार। क्षेत्र के भरदवलिया स्थित श्री राम जानकी मंदिर ठाकुरद्वारा पर आचार्य पंडित कृपा शंकर ने बताया कि नवरात्र के छठे दिन विधि विधान से माता कात्यायनी की पूजा की गई, जबकि बुधवार महा सप्तमी को कालरात्रि माता की पूजा होगी। भक्तों ने सुबह जल्दी स्नान करके साफ-सुथरे (विशेषकर पीले या लाल) कपड़े पहनें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध किया। इसके बाद माता कात्यायनी की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित की और माता के सामने घी का दीपक जलाया। माता को रोली, अक्षत, धूप और पीले फूल अर्पित किया गया। शहद और जायफल का चूर्ण मिलाकर भोग लगाया गया,जिसे बहुत शुभ माना गया है। उन्होंने बताया कि यदि विवाह में रुकावट आ रही है तो माता को शहद, पीले फूल और हल्दी की 3 गांठें अर्पित करें। इससे लाभ मिलेगा।