नालों की सफाई न होने से ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा पानी
नई बस्तियों में जलनिकासी के इंतजाम नहीं, लोग हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अधिकारी रात में चैन की नींद सोते हैं और आम जनता रतजगा कर मच्छर भगाते हैं। वजह शहर में जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। नालों में कूड़ा-कचरा भरा है। इससे पानी का बहाव रुक गया है। उससे दुर्गंध उठ रही है। आसपास रहने वाले लोगों की जिंदगी नारकीय हो गई है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। रात ही नहीं दिन में भी मच्छर डंक मार रहे हैं। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका है। फिर फॉगिंग पर जोर नहीं है।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की आबादी करीब एक लाख है। 25 वार्डों में बंटे शहर में जलनिकासी के लिए छोटे-बड़े कुल 33 नाले बनवाए गए हैं। पालिका प्रशासन का दावा है कि नालों की नियमित सफाई कराई जा ही है, लेकिन हकीकत यह है कि नाले पूरी तरह से जाम हैं। गोला बाजार, मुखलिसपुर रोड, अंसार टोला, मेंहदावल बाईपास, आजाद चौक, बैंक चौराहा, बंजरिया रोड, विधियानी आदि ऐसे स्थान हैं, जहां पर नाला जाम है।
विधियानी मोहल्ले में नालियों की सफाई न होने से सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। मेंहदावल बाईपास से कलेक्ट्रेट तक नया नाला बनवाया गया है, लेकिन उसे ढकने के लिए स्लैब नहीं लगवाए गए हैं। नाला खुला होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। शहर के निवासी महेश कुमार, रामचंद्र, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि नालों की नियमित सफाई न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। दुर्गंध उठने से जिंदगी नारकीय हो गई है। पालिका प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
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डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं
शहर में डंपिंग ग्राउंड नहीं है। साफ-सफाई के बाद निकलने वाला कूड़ा कचरा औद्योगिक क्षेत्र में गिराया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे भी कूड़ा गिरा दिए जा रहे हैं। इससे आसपास के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।पालिका प्रशासन का दावा है कि कूड़ा शहर से बाहर भेजा जा रहा है।
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घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था ठप
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में लॉकडाउन के पहले घर-घर कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था थी। लोग अपने घरों का गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखते थे जिसे नगर पालिका के सफाई कर्मी एकत्र कर शहर से बाहर ले जाकर निस्तारित करते थे। अब यह व्यवस्था ठप पड़ी है।
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नियमित नहीं हो रही फाॅगिंग
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। सफाई व्यवस्था लचर होने और नालों की सफाई न होने से मच्छरों के चलते लोगों की रात की नींद खराब हो रही है। दिन में भी मच्छर डंक मार रहे हैं। इसके बाद भी फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। नगर पालिका परिषद के ईओ विनय कुमार मिश्र का कहना है कि इधर दो से तीन बार फाॅगिंग कराई गई है। आगे भी फाॅगिंग कराने की योजना है।
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कोट
मच्छरों से बचाव के लिए लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए। शरीर को ढंग कर रखें। मच्छरदानी का प्रयोग करें और अपने आसपास पानी जमा न होने दें। सफाई पर विशेष ध्यान दें। इससे मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं।
डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस, जिला अस्पताल