ला अस्पताल परिसर में पसरा कूड़ा।संवाद
ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में इन दिनों में गंदगी का ढेर लगा हुआ है। यहां कचरे के साथ ही खुले में मेडिकल कचरा भी पड़ा रहता है। इससे पशुओं के साथ ही मरीजों को भी संक्रामक बीमारियां होने का भय बना रहता है। ठेके पर रखे गए सफाई कर्मी भी दिखाई नहीं देते हैं। जिला अस्पताल में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहर के लोग इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में 24 घंटे भीड़ रहती है। ओपीडी में वर्तमान समय में लगभग 900 से 1000 मरीज इलाज के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं। परिसर में कई स्थानों पर गंदगी रहती है, इससे मरीज और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति अस्पताल के पीछे एमसीएच विंग और पोस्टमार्टम हाउस के पास बनी हुई है। जहां पर खुले में मेडिकल कचरा डाला जा रहा है, जिसे पशु खा रहे हैं। मेडिकल की खराब सामग्री खाने से अनेक प्रकार की बीमारियां होने की आशंका है। सफाई के लिए ठेके पर 12 सफाई कर्मी भी रखे गए हैं। लेकिन यह दिखाई नहीं देते हैं। सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल की नियमित सफाई का निर्देश दिया गया है। अस्पताल प्रबंधक से जवाब-तलब किया जाएगा।
सीएचसी का भी यही हाल है
जिले के सीएचसी पर भी गंदगी का अंबार लगा है। सीएचसी सेमरियावां, मेंहदावल, हैंसर, नाथनगर, सांथा में गंदगी का ढेर लगा है। इसे हटाने की जहमत अस्पताल प्रशासन नहीं उठाता है। जब कूड़ा हटाने के लिए शोर होता है, तब जाकर उसे हटाने की कार्रवाई की जाती है।