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Sant Kabir Nagar News: पिटबुल से ज्यादा देसी खूंखार... 26 दिन में 1100 लोगों को काटा

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गांव में घुम रहा कुत्तो का झुंड।संवाद
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जिला अस्पताल में सितंबर माह में 800 लोग और सीएचसी व पीएचसी पर 300 लोगों ने लगवाई वैक्सीन
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका विदेशी नस्ल के पिटबुल और रॉउ बिलर जैसे खुंखार कुत्तों पर नकेल कसने की तैयारी में जुटा है। इधर, देसी नस्ल के कुत्ते गली-गली बच्चों और लोगों पर हमला कर रहे हैं। इन देसी कुत्तों पर किसी की नजर नहीं जा रही है। एक सितंबर से अब तक जिले के सरकारी अस्पतालों में 1100 लोगों ने एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाया है।
विदेशी से ज्यादा इन दिनों देसी कुत्ते खुंखार होते दिखाई दे रहे हैं। इसका अंदाजा जिला अस्पताल और सीएचसी के रिकाॅर्ड से लगाया जा सकता है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 35 मरीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। यही हाल सीएचसी का भी है। जिला अस्पताल में एक सितंबर से अब तक 800 लोगों ने एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाया है। इसके साथ ही सीएचसी पर भी 300 के करीब लोगों ने इंजेक्शन लगवाया है।
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शहर और गांव की सड़कों पर अगर रात में निकल रहे हैं तो थोड़ा सतर्क रहिए। यह कुत्ते झुंड में रहते हैं और बाइक तथा साइकिल सवार को दौड़ा ले रहे हैं। सात जुलाई को धनघटा क्षेत्र के सोनाड़ी गांव में कुत्तों के झुंड ने छह लोगों काे काट लिया था। मंगलवार को जिला अस्पताल में 30 लोग एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। इसी तरह सीएचसी खलीलाबाद पर छह लोग, सीएचसी सेमरियावां पर तीन लोग, सीएचसी मलौली में नौ लोग, सीएचसी मेंहदावल पर तीन, सीएचसी सांथा पर दो लोगाें ने एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाया।
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शहर में चार दिनों में तीन बच्चे समेत सात को काटा
- नेदुला के सेंट थाॅमस इंटर कॉलेज के पास शाम के समय कुत्तों का झुंड मौजूद रहता है, वहीं की रहने वाली संगीता देवी को सोमवार शाम कुत्ते ने काट लिया।
- छोटी सरौली निवासी आठ वर्ष के युसूफ को रविवार को एक कुत्ते ने काट लिया।
- मड़या के रहने वाले संदीप को शनिवार को कुत्ते ने काट लिया तो उन्होंने सीएचसी पर इंजेक्शन लगवाया।
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भोजन न मिलने से हिंसक हो रहे कुत्ते
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र यादव ने बताया कि इधर लगातार गर्मी भी थी, इसके साथ ही कुत्तों को लोगों ने भोजन भी देना बंद कर दिया है। जिसकी वजह से यह हिंसक हो रहे हैं। शहर समेत गांव में हर तरफ मकान बन गए हैं, जो जगह बची भी है, वहां गाड़ियों का कब्जा हो गया है। कुत्ते ज्यादातर खाली पेट ही रह रहे हैं, ऐसे में वह हिंसक हो जा रहे हैं। लोगों को इससे बच कर रहना होगा।
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