मेंहदावल। मेंहदावल विकासखंड क्षेत्र अपने कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। ग्राम पंचायत से उच्च प्राथमिक विद्यालय जब्बार में तीन शौचालय का निर्माण होना था।
निर्माण कार्य शुरू भी हुआ धन का आहरण भी कर लिया गया लेकिन डेढ़ वर्ष से शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है। प्रधानाध्यापक के शिकायत के बाद भी खंड विकास कार्यालय के जिम्मेदार नहीं चेत रहे है। जिसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। मेंहदावल विकासखंड के ग्राम पंचायत निधि से उच्च प्राथमिक विद्यालय जब्बार में तीन शौचालय का निर्माण होना था। दिव्यांग तथा बालिका एवं छात्रों के लिए शौचालय बनने थे। लगभग आठ लाख रुपये की लागत से शौचालय का निर्माण कराया जाना था। ग्राम पंचायत में यह काम एक ठेकेदार से कराया जा रहा था। निर्माण कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन पूरा नहीं हो पाया। आधा अधूरा निर्माण कार्य विद्यालय में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं तथा अध्यापकों की समस्या बढ़ा रहा है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार ने लिखित रूप से कई बार खंड विकास कार्यालय को शौचालय निर्माण पूर्ण करने के लिए पत्राचार किया। लेकिन खंड विकास कार्यालय ने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम यह है कि लगभग डेढ़ वर्ष से शौचालय की दीवार खड़ी है और निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। प्रधानाध्यापक राजकुमार का कहना है कि दिव्यांग तथा छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय परिसर में ग्राम पंचायत से शौचालय का निर्माण होना था अभी तक शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है।
दूसरी तरफ बिना निर्माण कार्य पूर्ण कराए ही धन निकाल लेने की भी चर्चा है। ऐसे में खंड विकास कार्यालय के जिम्मेदारों की कार्यशैली पर लोग सवाल खड़ा कर रहे हैं।