संतकबीरनगर। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ पूर्व चेतावनी और बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव तथा उसके बाद की व्यवस्था सुदृढ़ करने का अभ्यास किया। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया। डीएम भूपेंद्र एस. चौधरी, एसपी शैलेश कुमार पांडेय तथा एडीएम रण विजय सिंह ने व्यवस्था का निरीक्षण किया।
जिला विज्ञान सूचना अधिकारी ने आवश्यक जानकारी दी। सूचना विज्ञान केंद्र में वायरलेस सेट भी स्थापित किया गया। इसका संचालन वाहित अली सिद्दकी ने किया। वायरलेस के जरिए मॉकड्रिल स्थल आगापुर गुलरिहा, बिड़हर घाट तथा तुर्कवलिया के प्राप्त सूचनाओं को संबंधित विभागों को पहुंचाया गया।
बाढ़ की मॉकड्रिल के लिए आगापुर उर्फ गुलरिहा मेें बाढ़ आने से पूर्व की चेतावनी देते हुए लोगों को सफलता पूर्वक सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभ्यास किया गया। बिड़हरघाट, चपरापूर्वी में बाढ़ से घिर जाने के बाद लोगो को, एवं पशुओं केे लिए राहत एवं बचाव कार्य का अभ्यास हुआ। तुर्कवलिया नायक में बाढ़ समाप्त होने के पश्चात, स्वास्थ्य, विद्युत, जल, स्वच्छता, परिवहन आदि विभागोें द्वारा व्यवस्था को बहाल किया गया।
तहसील धनघटा के आदर्श इंटर कॉलेज उमरिया बाजार में डीएम के निर्देश पर उप जिलाधिकारी धनघटा के देखरेख में तीनों स्थानों के लिए तीन अलग-अलग टीमों ने जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के बैनर तले मॉक ड्रिल का कार्य बड़ी निष्ठा एवं कुशलतापूर्वक किया।
आगापुर उर्फ गुलरिहा के लिए तहसीलदार धनघटा वंदना पांडेय, एडीओ पंचायत पौली की टीम लगाई गई थी। जबकि बिड़हर घाट के लिए तहसीलदार खलीलाबाद अरविंद सिंह तथा सुरेंद्र नाथ पांडेय, की टीम लगाई गई थी। इसी प्रकार तुर्कवलिया में राजस्व निरीक्षक रामसुख शर्मा एवं एडीओ पंचायत नाथनगर की टीम लगाई थी।
इन टीमों के सहयोग में जिले के स्वास्थ्य विभाग, आपूर्ति विभाग, पंचायत राज विभाग, सिंचाई विभाग, बाढ़/ड्रेनेज खंड, पशु चिकित्साधिकारी तथा राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लगाए गए थे। इन लोगों ने अपने तैनाती स्थल पर रह कर कुशलतापूर्वक मॉक ड्रिल को सफल बनाया। तहसील धनघटा में स्टेजिंग एरिया आदर्श इंटर कॉलेज उमरिया बाजार में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में मॉक ड्रिल का समापन किया गया।