संतकबीरनगर। जिले में गेहूंं खरीद के लिए अधिकारी किसानों कर खेतों में पहुंच रहे हैं। घर पर ही गेहूंं खरीद करने की बात कह रहे हैं। किसानों को गेहूं केंद्र तक भी नहीं ले जाना है। मोबाइल टीम के जरिये घर से गेहूंं अधिकारी उठवाएंगे और वहीं से किसानों के खाते में रकम भी भेजने का कार्य करेंगे। यह सब कवायद अधिक से अधिक गेहूंं खरीद को लेकर हो रही है। डिप्टी आरएमओ भी किसानों से मिले और घर से ही गेहूंं बेचने की अपील की।
खाद्य एवं विपणन विभाग ने जिले में 48 गेहूंं क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इसमें 2105 किसानों ने अब तक पंजीकरण करा लिया है। सभी किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। जनपद में दो तिहाई से अधिक क्षेत्रों में धान की कटाई के बाद ही गेहूंं की बोआई की जाती है। किसानों के खेत में अभी तक गेहूंं की फसल खड़ी है। अभी किसान अपनी फसल की कटाई नहीं कर सके हैं। 17 मार्च से क्रय केंद्र सक्रिय हो गए है। जो 15 जून तक सक्रिय रहेंगे।
हालांकि अभी कटाई शुरू न होने से क्रय केंद्राें पर गेहूं नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं क्रय केंद्रों पर पेयजल व छाया की व्यवस्था के साथ ही आवश्यकतानुसार गेहूंं से धूल अलग किए जाने के लिए चलनी व पंखे का भी इंतजाम किया गया है। इस बार सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
डिप्टी आरएमओ कमलेश सिंह ने खलीलाबाद ब्लॉक थवईपार और चिलौना में पहुंच किसानों से बातचीत की और गेेहूं क्रय केंद्रों पर बेचने की अपील भी की। इसके साथ यह भी कहा कि वह गेहूंं घर से भी क्रय कर सकते हैं। मोबाइल टीम इसके लिए बनी है जो घरों से गेहूंं ले जाएगी। इसमें किसानों को परेशान भी नहीं होना पड़ेगा।
कोट
गेहूंं क्रय करने के लिए मोबाइल टीम भी बनी है। जो किसानों के घरों पर जाएगी और बातचीत कर गेहूंं खरीद करेगी। टीम खुद किसानों के घर से गेहूंं का उठान करेगी। सभी केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं। समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित किया गया है।
- कमलेश सिंह, डिप्टी आरएमओ